जादवपुर स्थित केपीसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने अपनी एक इकाई में 100 किलोवाट पीक (kWp) क्षमता वाला सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू किया है। संस्थान ने इसे कोलकाता के निजी मेडिकल कॉलेजों में इस तरह की पहली स्थापना बताया है।
इस संयंत्र का उद्घाटन जादवपुर की विधायक सरबरी मुखर्जी और पश्चिम बंगाल नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (डब्ल्यूबीआरईडीए) के पूर्व प्रबंध निदेशक तथा ग्रीन ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित डॉ. शांतिपद (एस.पी.) गोन चौधरी ने किया।
केपीसी मेडिकल कॉलेज के सीईओ देबब्रत दत्ता ने कहा कि इस परियोजना में किया गया निवेश लगभग तीन वर्षों में अपनी लागत वसूल कर लेगा। इसके बाद अगले 25 से 30 वर्षों तक यह संयंत्र बिजली खर्च में बचत करने में मदद करेगा।
सौर ऊर्जा संयंत्र का डिजाइन और स्थापना इनोवेल एनर्जी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने की है। यह कंपनी पहले भास्कर सोलर के नाम से जानी जाती थी। कंपनी के सीईओ पार्थ पी. चटर्जी ने कहा कि उनकी कंपनी सौर ऊर्जा संयंत्रों के डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण में गुणवत्ता को प्राथमिकता देती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन करेगी और अन्य स्वास्थ्य सेवा तथा शैक्षणिक संस्थानों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
उद्घाटन समारोह में केपीसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सोसाइटी के सचिव कृष्णा दास और केपीसी ग्रुप की सपना दत्ता भी उपस्थित थे।
वर्ष 2006 में स्थापित केपीसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्ध है। यह पश्चिम बंगाल का पहला निजी मेडिकल कॉलेज है। वहीं, वर्ष 2002 में स्थापित इनोवेल एनर्जी सर्विसेज अब तक 2,50,000 से अधिक इंस्टॉलेशन पूरे कर चुकी है।
