इसुजु मोटर्स इंडिया (IMI), जापान स्थित इसुजु मोटर्स लिमिटेड की सहायक कंपनी, ने आंध्र प्रदेश के श्री सिटी स्थित अपने संयंत्र में वाहन निर्माण के 10 साल पूरे होने का जश्न मनाया। यह उपलब्धि घरेलू उत्पादन, निर्यात में वृद्धि और परिचालन विस्तार के एक दशक को दर्शाती है।
अप्रैल 2016 में उद्घाटन के बाद से यह संयंत्र भारतीय और विदेशी बाजारों, जिनमें मध्य पूर्व और पड़ोसी एशियाई देश शामिल हैं, की जरूरतों को पूरा करने वाला एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र बन गया है। कंपनी ने 2024 में भारत में निर्मित अपने 1,00,000वें वाहन के उत्पादन का पड़ाव हासिल किया। इसके अलावा, कंपनी एक लाख से अधिक इंजनों का निर्यात भी कर चुकी है।
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में IMI भारत की प्रमुख वाणिज्यिक वाहन निर्यातक कंपनी के रूप में उभरी। इस दौरान कंपनी ने 20,312 वाहनों का निर्यात किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है।
इसुजु मोटर्स लिमिटेड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नाओहिरो यामागुची ने कहा कि भारतीय सहायक कंपनी ने वित्त वर्ष 2022 से लगातार लाभप्रदता बनाए रखी है। इसके साथ ही निर्यात में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि कंपनी घरेलू बाजार में विकास को गति देने के साथ निर्यात का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
इसुजु मोटर्स इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजेश मित्तल ने कहा कि कंपनी ने पिछले वर्ष लाभप्रद वृद्धि में 2.5 गुना बढ़ोतरी दर्ज की।
इस संयंत्र में 1,300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें स्थानीय कर्मचारियों की हिस्सेदारी 82 प्रतिशत है, जबकि उत्पादन लाइन पर काम करने वाले कर्मचारियों में लगभग 28 प्रतिशत महिलाएं हैं।
कंपनी ने कहा कि वह अपनी ‘नेवर स्टॉप’ (Never Stop) की कार्यदर्शन नीति के तहत गुणवत्ता, स्थानीयकरण और टिकाऊ विनिर्माण में निवेश जारी रखेगी।
