उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट महकुमा अंतर्गत बीथारी हाकिमपुर ग्राम पंचायत के हाकिमपुर चेकपोस्ट पर तड़के सुबह से ही 170 बांग्लादेशी नागरिकों की भारी भीड़ जमा हो गई है। ये सभी अनुप्रवेशकारी (अवैध अप्रवासी) कानूनी प्रक्रियाओं के बाद वापस अपने देश (बांग्लादेश) लौटने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, सीमा पर नए बांग्लादेशी नागरिकों का पहुंचना लगातार जारी है।मुख्य बिंदु:दलालों के जरिए की थी घुसपैठ: पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों ने खुद यह स्वीकार किया है कि वे अलग-अलग समय पर उत्तर 24 परगना की विभिन्न सीमाओं से दलालों को मोटी रकम देकर भारत में घुसे थे।
भारत में प्रवेश करने के बाद वे देश के अलग-अलग राज्यों में काम की तलाश में चले गए थे। इतना ही नहीं, उन्होंने पश्चिम बंगाल की कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की बात भी खुलकर कबूल की है।बायोमेट्रिक और दस्तावेजों की कड़ी जांच: जिला प्रशासन और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारी कैंप लगाकर इन सभी के बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। सारा डेटा कंप्यूटर पर अपलोड किया जा रहा है। बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक, जब तक इन नागरिकों की सही पहचान और दस्तावेजों का पूर्ण सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक इन्हें वापस बांग्लादेश नहीं भेजा जाएगा।कल हुआ था बड़ा पुशबैक: जानकारी के अनुसार, ठीक एक दिन पहले ही कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कई सौ बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पार (पुशबैक) कराया गया था।
होल्डिंग सेंटर्स में कम हो रही संख्या: वर्तमान में बादुड़िया और स्वरूपनगर समेत तीन जगहों पर बने होल्डिंग सेंटर्स में लगभग 50 बांग्लादेशी नागरिक बचे हैं। इन सेंटर्स में रह रहे बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के खान-पान, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) संभाल रहा है।हर थाना क्षेत्र में बनेगा ‘होल्डिंग सेंटर’केंद्रीय गृह मंत्रालय के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फैसला लिया गया है। गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, अब सीमावर्ती इलाकों के प्रत्येक थाना क्षेत्र में एक होल्डिंग सेंटर बनाया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस निर्देश के बाद अपनी प्रशासनिक तैयारियां और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।
