गयाजी में फर्जी कॉल सेंटर में छापेमारी, 9 लोग गिरफ्तार:15 मोबाइल, 22 एटीएम कार्ड, कैश बरामद

गया पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शहर के व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड स्थित मोतिमणि अपार्टमेंट में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 15 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के 22 एटीएम/क्रेडिट-डेबिट कार्ड, 4 लैपटॉप चार्जर, 5 माउस, 1 वाई-फाई मशीन, 500 जीबी हार्ड डिस्क, एक्सटेंशन वायर, एक नोटबुक और 9,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एसएसपी सुशील कुमार ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में इस साइबर ठगी मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार गिरोह देशभर के लोगों को अपना शिकार बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
एसएसपी ने जानकारी दी कि गया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। इसके अनुसार, व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड नंबर-06 स्थित मोतिमणि अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर कुछ बाहरी राज्यों के लोग किराए पर रहकर संगठित साइबर ठगी का संचालन कर रहे थे। अपार्टमेंट के फ्लैट में जमीन पर बैठकर ठगी में व्यस्त थे आरोपी

इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम में नगर-02 के पुलिस उपाधीक्षक, साइबर थाना प्रभारी, रामपुर थाना और तकनीकी शाखा के सदस्य शामिल थे। टीम ने अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-04 (सी) पर छापेमारी की।

पुलिस टीम जब फ्लैट के अंदर पहुंची, तो वहां 9 युवक फर्श पर बैठकर लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन गतिविधियों में व्यस्त थे। पुलिस को देखते ही वे घबरा गए और आनन-फानन में अपने लैपटॉप और मोबाइल बंद करने लगे। पुलिस ने तत्काल सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
तलाशी के दौरान कमरे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक कार्ड और अन्य डिजिटल सामान बरामद हुआ। इससे स्पष्ट हो गया कि यहां संगठित तरीके से साइबर ठगी का एक बड़ा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। अमेजन, फ्लिपकार्ट के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। पुलिस के अनुसार, आरोपी अमेजन, फ्लिपकार्ट समेत अन्य ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे।

इसके लिए गिरोह AnyDesk, UltraViewer, Port SIP Client जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन का इस्तेमाल करता था। पहले वे ग्राहकों को सहायता देने का झांसा देते, फिर उनके मोबाइल या कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते थे।

इसके बाद TextPlus जैसे एप्लिकेशन की मदद से फर्जी आईडी तैयार कर अपने अन्य साथियों के सहयोग से पीड़ितों के बैंक खाते, व्यक्तिगत जानकारी और गोपनीय डेटा तक पहुंच बना लेते थे। अंत में लिंक और ओटीपी के जरिए बैंक खातों से रुपये निकालकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। एसएसपी बोले- टेक्निकली काफी ट्रेंड थे गिरोह के हर सदस्य

एसएसपी सुशील कुमार ने बताया की यह गिरोह तकनीकी रूप से काफी प्रशिक्षित था और बेहद सुनियोजित तरीके से साइबर अपराध कर रहा था। कोलकाता से जुड़े तार, सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के निवासी गिरफ्तार किए गए सभी नौ आरोपी पश्चिम बंगाल के कोलकाता के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में नवेद अनवर, अफजल हुसैन, ओसामा परवेज, सदाशिव मान, इंजमाम आलम, सलमान, अदनान अहमद, जीमल हुसैन और मोहम्मद शाहिद शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी किराये के फ्लैट में रहकर साइबर ठगी के इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। रामपुर थाना में दर्ज हुआ मामला

इस पूरे मामले में रामपुर थाना कांड संख्या-472/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य राज्यों या किसी बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

By Paromita