मालदा जिला ट्रैफिक पुलिस की अनोखी पहल: पोस्ट ऑफिस मोड़ पर वाहन चालकों को सिखाए गए यातायात के नियम 

टोटो (ई-रिक्शा) चालक हों या बाइक सवार—आज भी कई लोग ट्रैफिक नियमों के प्रति पूरी तरह जागरूक नहीं हैं। ट्रैफिक सिग्नल के अलग-अलग रंगों का मतलब, सड़क के संकेत (रोड साइन), सही तरीके से यू-टर्न लेने का नियम या सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़ी बुनियादी बातों के बारे में बहुत से लोगों को पर्याप्त जानकारी नहीं होती है। इसी अज्ञानता के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए मालदा जिला ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है।गुरुवार सुबह मालदा शहर के व्यस्त पोस्ट ऑफिस मोड़ (Post Office More) पर इस विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रमुख बिंदु:सड़क पर ही दी गई ट्रैफिक नियमों की पाठशाला: अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों और कर्मियों ने खुद सड़कों पर उतरकर वाहन चालकों, टोटो चालकों तथा आम पैदल यात्रियों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने का महत्व समझाया। चालकों को बताया गया कि लापरवाही से यू-टर्न लेना या गलत दिशा में गाड़ी चलाना कितना जानलेवा साबित हो सकता है।लिफलेट और पत्रकों का वितरण: पुलिस की तरफ से आम जनता और चालकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष लिफलेट बांटे गए।

इनमें ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन न करने, अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) के भीतर गाड़ी चलाने और सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दर्ज थे।जुर्माना नहीं, जागरूकता है प्राथमिकता: मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल कानून लागू करना या चालान काटना ही पुलिस का मकसद नहीं है। असल सुधार और दुर्घटनाओं में कमी तभी आ सकती है जब लोग खुद जागरूक होंगे।मालदा जिला ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, आने वाले दिनों में जिले के अन्य महत्वपूर्ण और दुर्घटना संभावित मोड़ों (ব্ল্যাক স্পট) पर भी इसी तरह के सघन जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे ताकि मालदा की सड़कों को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।

By Sonakshi Sarkar