पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने और नई सरकार के गठन के बाद, राज्य विधानसभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष (स्पीकर) रथेंद्रनाथ बोस शनिवार को फलहारिणी अमावस्या के पावन अवसर पर प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर मां भवतारीणी मंदिर पहुंचे। दक्षिणेश्वर थाना पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने मां भवतारीणी के दर्शन किए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में पूजा संपन्न करने के बाद स्पीकर रथेंद्रनाथ बोस ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य की समस्त जनता के कल्याण, सुख-समृद्धि और मंगल कामना के लिए मां के चरणों में प्रार्थना की है।
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर दिया संदेश, विपक्ष को दिया भरोसा बातचीत के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के समय की राजनीतिक परिस्थितियों और वर्तमान में विपक्ष (TMC) द्वारा अपने कार्यकर्ताओं के घर छोड़ने (पलायन) को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पूछा, तो स्पीकर रथेंद्रनाथ बोस ने बेहद बेबाक अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने कहा:
“जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी, तब भारी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता प्रताड़ित होकर घर छोड़ने को मजबूर हुए थे। आज परिस्थितियां बदली हैं। आसन पर बैठकर मैं विपक्ष को पूरी तरह आश्वस्त करता हूँ और कहता हूँ कि वे अपने उन कार्यकर्ताओं को वापस घर लाएं जो डरे हुए हैं। हम विपक्ष को पूरा सम्मान और सुरक्षा देने के पक्ष में हैं।”
निष्पक्षता की कसौटी पर होंगे नए स्पीकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद विधानसभा के भीतर का माहौल कैसा रहेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। विधानसभा के नए अध्यक्ष के रूप में रथेंद्रनाथ बोस सदन के भीतर विपक्ष (TMC) को कितनी मान्यता देते हैं, उनकी चिंताओं को कितना महत्व देते हैं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को बनाए रखते हुए विपक्ष को साथ लेकर किस तरह काम करते हैं— यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।
