डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे कमजोर, 94.95 पर पहुंचा

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के बीच सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे गिरकर 94.95 पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में यह गिरावट निवेशकों की बढ़ती चिंता और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक दबावों को दर्शाती है। फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे भारत जैसी तेल आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें देश के आयात बिल को बढ़ाती हैं, जिसका सीधा असर करेंसी मार्केट पर पड़ता है। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपये ने सोमवार सुबह कारोबार की शुरुआत 94.95 प्रति डॉलर के स्तर पर की, जो पिछले बंद भाव से 11 पैसे कमजोर है। कारोबारियों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। इस स्थिति का असर न केवल ऊर्जा कीमतों पर पड़ रहा है, बल्कि वैश्विक पूंजी प्रवाह पर भी देखा जा रहा है। इसके अलावा, भारत से लगातार विदेशी निवेशकों के पूंजी निकालने की प्रवृत्ति (विदेशी पूंजी बहिर्गमन) ने भी रुपये पर दबाव बढ़ाया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब विदेशी निवेशक शेयर बाजार या बॉन्ड मार्केट से पैसा निकालते हैं, तो डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे रुपये की कीमत कमजोर होती है। इन सभी कारणों ने मिलकर निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव और तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक रुपये में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से ही आयात-निर्भर तेल खपत के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के प्रति संवेदनशील रहती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी भी तरह की उथल-पुथल का सीधा असर घरेलू मुद्रा पर देखा जाता है। फिलहाल बाजार प्रतिभागी आने वाले आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं, जो रुपये की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

By Arbind Manjhi