आईसीआईसीआई प्रु गोल्ड पेंशन सेविंग्स के साथ अपनी शर्तों पर रिटायरमेंट की योजना: जीवनभर आर्थिक आजादी की ओर बढ़ता कदम

भारत की आबादी में तेजी से बदलाव हो रहा है। आज भले ही भारत को युवा देश माना जाता है, लेकिन आने वाले वर्षों में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ने वाली है। राष्ट्रीय जनसंख्या आयोग के अनुसार, वर्ष 2036 तक भारत में हर सात में से एक व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक होगा और उनकी कुल संख्या बढ़कर लगभग 23 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।लोगों की औसत आयु बढ़ रही है और रिटायरमेंट के बाद बच्चों या परिवार पर आर्थिक रूप से निर्भर रहने की पारंपरिक सोच भी बदल रही है। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद के खर्चों के लिए पहले से आर्थिक योजना बनाना अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि एक जरूरत बन गया है।इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने आईसीआईसीआई प्रु गोल्ड पेंशन सेविंग्स नामक बोनस-आधारित पेंशन योजना शुरू की है। यह योजना सुरक्षा और लचीलेपन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इस योजना के जरिए ग्राहक रिटायरमेंट के लिए एक अच्छा पेंशन फंड (कॉर्पस) बना सकते हैं। इसमें निवेश की गई राशि सुरक्षित रहती है। साथ ही, जीवन के महत्वपूर्ण परिस्थितियों या गंभीर बीमारी जैसी जरूरतों के समय आंशिक राशि निकालने की सुविधा भी मिलती है। इससे परिवार का आर्थिक भविष्य अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलती है।

इस बारे में श्री विकास गुप्ता, चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने कहा, “आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ में हमारा मानना है कि रिटायरमेंट का समय खुशी का होना चाहिए, आर्थिक चिंता का नहीं। आईसीआईसीआई प्रु गोल्ड पेंशन सेविंग्स योजना को ग्राहकों को निवेश की सुरक्षा, बोनस के जरिए फंड बढ़ाने का अवसर और जीवन के महत्वपूर्ण परिस्थितियों या बीमारी जैसी अचानक आने वाली जरूरतों के समय पैसे निकालने की सुविधा देने के लिए तैयार किया गया है। इस योजना में आपातकालीन स्थिति में 25% तक राशि निकालने का विकल्प और रिटायरमेंट के लिए एक अच्छा फंड बनाने की सुविधा है। इससे ग्राहक नौकरी के दौरान नियमित बचत करके रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मविश्वास से भरा जीवन जी सकते हैं। साथ ही वे अपनी जरूरतों और सपनों को भी पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा, इस योजना के तहत निःशुल्क हेल्थ चेक-अप और स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़ी स्वास्थ्य और वेलनेस सेवाओं का लाभ भी मिलता है। इसलिए यह योजना रिटायरमेंट की योजना बनाने वालों के लिए और भी उपयोगी है।”

आइए एक उदाहरण से समझते हैं कि यह योजना कैसे काम करती है। मान लीजिए, प्रतीक नाम का 40 वर्षीय नौकरीपेशा व्यक्ति हर साल 10 वर्षों तक इस योजना में 1.5 लाख रुपये निवेश करता है। यदि उसे सालाना 8% का रिटर्न मिलता है, तो 60 वर्ष की उम्र तक उसके पास लगभग 44 लाख रुपये का रिटायरमेंट फंड तैयार हो सकता है। वहीं, यदि 4% सालाना रिटर्न माना जाए, तो लगभग 25 लाख रुपये का रिटायरमेंट फंड बन सकता है। इस योजना के तहत वह अपने रिटायरमेंट फंड का 60% हिस्सा टैक्स-फ्री एकमुश्त निकाल सकता है। इस राशि का उपयोग वह यात्रा, घर की मरम्मत या अन्य जरूरी कामों के लिए कर सकता है। बची हुई राशि से वह एन्युटी (नियमित पेंशन) योजना खरीदकर जीवनभर नियमित और सुनिश्चित आय प्राप्त कर सकता हैं, जिससे रिटायरमेंट के बाद भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने रह सकता हैं।

कुल मिलाकर, आईसीआईसीआई प्रु गोल्ड पेंशन सेविंग्स योजना निवेश की गई राशि की सुरक्षा, बोनस के जरिए फंड बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर 25% तक आपातकालीन निकासी की सुविधा देकर रिटायरमेंट की योजना को अधिक सुरक्षित और आसान बनाती है। इसके साथ ही इसमें निःशुल्क हेल्थ चेक-अप और मैच्योरिटी पर टैक्स-फ्री राशि निकालने की सुविधा भी मिलती है। यह योजना ग्राहकों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने, सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने और बिना किसी आर्थिक चिंता के सुकूनभरा जीवन जीने में मदद करती है।

By Business Bureau