पश्चिम बंगाल के आगामी वार्षिक बजट को लेकर राज्य के उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों और निवेशकों के भीतर भारी उत्साह और सकारात्मकता देखी जा रही है। विभिन्न वाणिज्यिक मंडलों जैसे सीआईआई, फिक्की और स्थानीय व्यापारिक संघों ने अपनी उम्मीदें जताते हुए कहा है कि इस बार के बजट में राज्य सरकार को आर्थिक विकास की गति को तेज करने के लिए एक बेहद स्पष्ट और ठोस रोडमैप पेश करना चाहिए। उद्योग जगत का मानना है कि कोविड के बाद के दौर में राज्य की अर्थव्यवस्था ने मजबूत सुधार के संकेत दिए हैं, और अब सही सरकारी नीतियों और प्रोत्साहनों के माध्यम से इस विकास दर को और अधिक ऊंचाई पर ले जाया जा सकता है।
व्यापारिक विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी बजट में उद्योगों की मुख्य प्राथमिकताएं विनिर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई को वित्तीय राहत देने और राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और अधिक सरल बनाने पर टिकी हुई हैं। इसके अलावा, रियल एस्टेट, आईटी और रसद यानी लॉजिस्टिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए विशेष कर छूट और बुनियादी ढांचागत निवेश की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। निवेशकों ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी करेगी, जिससे न केवल औद्योगिक गलियारों का निर्माण होगा बल्कि राज्य में बड़े पैमाने पर नए रोजगार के अवसरों का सृजन भी होगा, जो बंगाल को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की कतार में मजबूती से खड़ा करने में मदद करेगा।
