पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में मंगलवार की सुबह एक अत्यंत दुखद औद्योगिक दुर्घटना सामने आई है. तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड की नाफ्था ले जाने वाली एक मुख्य पाइपलाइन में तेज धमाके के साथ अचानक भीषण आग लग गई. नाफ्था एक अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन है, जिसके कारण यह आग देखते ही देखते बेहद विकराल हो गई और हल्दिया नगर पालिका के वार्ड संख्या तेरह के अंतर्गत आने वाले चिरंजीबपुर इलाके में फैल गई, जिससे कई स्थानीय मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए. इस विनाशकारी घटना में झुलसने के कारण एक अड़तीस वर्षीय महिला की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि सत्रह से अधिक अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों को तुरंत हल्दिया उप-मंडलीय अस्पताल और तामलुक मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जिनमें से गंभीर रूप से झुलसे लगभग दस मरीजों को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के एसएसकेएम और एनआरएस मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है.
इस भीषण आपदा पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग की बारह से अधिक दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया, जिन्होंने मलबे, फोम और राख की मदद से कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया. यह आग रेलवे पटरियों के बेहद करीब तक पहुँच गई थी, जिससे रेलवे के ओवरहेड बिजली उपकरण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. सुरक्षा के मद्देनजर दक्षिण पूर्व रेलवे ने हल्दिया-मेचेदा और हल्दिया-दुर्गाचक रेल खंड पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह निलंबित कर दिया, जिसके कारण सुबह की हल्दिया-हावड़ा लोकल सहित कई ट्रेनें रद्द या शॉर्ट-टर्मिनेट करनी पड़ीं. हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, यह हादसा प्लांट के पास स्थित एक अनधिकृत नाफ्था चोरी के पॉइंट के पास हुआ है, जहाँ अतीत में भी चोरी की घटनाएं देखी गई हैं. हालांकि, पुलिस और फॉरेंसिक टीमें यह पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कर रही हैं कि क्या यह हादसा पाइपलाइन लीक होने के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी लापरवाही थी.
