भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने भारत के करोड़ों मोबाइल ग्राहकों के लिए एक बेहद राहत भरा बड़ा फैसला सुनाया है, जिसके तहत यदि आप अपने फोन का इस्तेमाल केवल कॉलिंग या मैसेज भेजने के लिए करते हैं और अनचाहे मोबाइल डेटा के पैसे चुकाने को मजबूर हैं, तो आगामी 21 अक्टूबर 2026 से टेलीकॉम रिचार्ज का पूरा गणित बदलने वाला है। ट्राई के नए और सख्त निर्देशों के अनुसार रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों को अब बिना डेटा वाले सस्ते और छोटे प्लान अनिवार्य रूप से पेश करने होंगे, जिससे उन उपयोगकर्ताओं को सबसे बड़ी राहत मिलेगी जो केवल डेटा बंडल वाले महंगे प्लान रीचार्ज कराने के लिए बाध्य थे। नए नियमों के अंतर्गत टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिन या उससे कम वैधता वाले हर उस रिचार्ज प्लान का ‘वॉइस और एसएमएस-ओनली’ विकल्प देना होगा जिसे वे सामान्यतः डेटा के साथ बेचती हैं, और साथ ही यह नियम भी बनाया गया है कि ये रिचार्ज हर महीने एक निश्चित तारीख को ही रिन्यू होंगे, जबकि किसी महीने में वह तारीख न होने पर वह उस माह के अंतिम दिन रिन्यू माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, लंबी अवधि के डेटा बंडल्ड प्लान्स की तर्ज पर कंपनियों के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि वे अपने पोर्टफोलियो में कम से कम एक लंबी वैधता वाला ‘वॉइस और एसएमएस’ प्लान भी जरूर रखें। गौरलतब है कि दिसंबर 2024 में भी ट्राई ने कंपनियों को 365 दिन तक की वैधता वाला केवल कॉलिंग और मैसेज का प्लान लाने का निर्देश दिया था, लेकिन कंपनियों ने उसका पालन आधे-अधूरे मन से करते हुए केवल महंगे प्लान उतारे और छोटे व सस्ते प्लान गायब रखे, जिस पर ग्राहकों की शिकायतों के बाद ट्राई ने इस साल अप्रैल में ड्राफ्ट अमेंडमेंट पेश किया और लंबी परामर्श प्रक्रिया के बाद इसे अंतिम रूप दिया है। नियामक के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2025 में प्रति जीबी डेटा से होने वाली औसत कमाई ₹9.11 से घटकर मार्च 2026 तक ₹7.51 रह गई है, जबकि इसी अवधि में कंपनियों का प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) ₹183 से बढ़कर ₹196.04 पर पहुंच गया है। परामर्श प्रक्रिया के दौरान टेलीकॉम कंपनियों ने तर्क दिया था कि फिक्स्ड प्राइस कट का नियम उनके टैरिफ निर्धारण के अधिकार में दखल है और इससे स्पैम कॉल्स बढ़ सकती हैं, इसके बावजूद ट्राई ने ग्राहकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए उचित कीमत कटौती के साथ नए प्लान लाने को कहा है। ट्राई का यह ऐतिहासिक फैसला मुख्य रूप से उन करोड़ों ग्राहकों के लिए वरदान साबित होगा जो फीचर फोन का इस्तेमाल करते हैं, सीनियर सिटीजन्स हैं, या फिर सेकेंडरी सिम का इस्तेमाल सिर्फ इनकमिंग कॉल्स व बैंक ओटीपी पाने के लिए करते हैं, जिन्हें अब अनचाहे डेटा पैक्स के लिए भारी-भरकम रकम नहीं चुकानी पड़ेगी।
टेलीकॉम सेक्टर में बड़ा बदलाव: 21 अक्टूबर से बिना डेटा के भी मिलेंगे सस्ते कॉलिंग और SMS प्लान
