कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मुख्यालय में टाउन वेंडिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने हॉकर प्रतिनिधियों से स्पष्ट कहा कि न्यू मार्केट, गरियाहाट और हाथीबागान जैसे सभी प्रमुख नगरपालिका बाजारों के पास के फुटपाथों से हॉकरों को हटाना होगा. निगम के मौजूदा नियमों के अनुसार किसी भी नगरपालिका बाजार के पैंतालीस मीटर के दायरे में स्टॉल लगाने या वेंडिंग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है. इसके अलावा, केएमसी प्रशासन ने शहर की सड़कों पर पैदल यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान ‘नो-वेंडिंग जोन’ (जहां हॉकिंग वर्जित है) की सूची की समीक्षा करने और इसमें नई सड़कों को जोड़कर इसका दायरा बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया है.
इस कड़े प्रस्ताव का विरोध करते हुए हॉकर प्रतिनिधियों और हॉकर संग्राम कमेटी के नेताओं ने तर्क दिया कि केंद्रीय ‘स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट २०१४’ किसी भी अन्य विरोधाभासी नियम से ऊपर है. हालांकि, निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रभावित होने वाले वैध हॉकरों को बिना किसी उचित पुनर्वास पैकेज (रिहैबिलिटेशन) के नहीं हटाया जाएगा और उनके लिए ऐसे वैकल्पिक स्थानों की व्यवस्था की जाएगी जिससे उनकी आजीविका और कमाई पर कोई बुरा असर न पड़े. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी हाल ही में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि फुटपाथों पर पहला अधिकार पैदल यात्रियों का है और वहां किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नए नो-वेंडिंग क्षेत्रों की पहचान करने के लिए नगर निगम की बोरो-स्तरीय टीमें हॉकर प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जल्द ही एक नया संयुक्त सर्वे शुरू करेंगी, जिसके बाद आगामी बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
