वैश्विक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी कंपनी मेडट्रॉनिक ने भारत में अपनी नई पल्ससिलेक्ट™ पल्स्ड फील्ड एब्लेशन (पीएफए) तकनीक लॉन्च करने की घोषणा की है। यह तकनीक एट्रियल फिब्रिलेशन (एफिब) के इलाज के लिए विकसित की गई है, जो हृदय की अनियमित धड़कन से जुड़ी सबसे आम बीमारियों में से एक है और स्ट्रोक का प्रमुख कारण है।भारत में 70 लाख से अधिक लोग एट्रियल फिब्रिलेशन से प्रभावित हैं और उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा भी बढ़ जाता है। इसके बावजूद देश में इस बीमारी के प्रति जागरूकता, समय पर पहचान और उपचार की दर अभी भी कम है। कई मरीजों में इसके लक्षण हल्के होते हैं या बीच-बीच में दिखाई देते हैं, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है और उपचार में देरी हो जाती है। एट्रियल फिब्रिलेशन (एएफ) की स्थिति में हृदय के ऊपरी कक्ष सामान्य धड़कने के बजाय अनियमित रूप से काम करते हैं। इससे शरीर में रक्त संचार प्रभावित होता है और स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर तथा अन्य गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। सांस फूलना, चक्कर आना, दिल की धड़कन तेज महसूस होना, थकान, सीने में असहजता और शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई इसके प्रमुख लक्षण हैं।
मेडट्रॉनिक की पल्ससिलेक्ट™ पीएफए तकनीक कंपनी के एट्रियल फिब्रिलेशन उपचार पोर्टफोलियो का विस्तार करती है और उसकी मौजूदा क्रायोएब्लेशन तकनीक को पूरक बनाती है। इससे चिकित्सकों को मरीजों की जरूरत और स्थिति के अनुसार उपचार का और अधिक व्यापक विकल्प उपलब्ध होगा। पारंपरिक उपचार विधियों जैसे रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन, जिसमें गर्मी का उपयोग किया जाता है, और क्रायोएब्लेशन, जिसमें अत्यधिक ठंड का इस्तेमाल होता है, के विपरीत पल्स्ड फील्ड एब्लेशन (पीएफए) में ऊतकों को प्रभावित करने के लिए बेहद कम अवधि के विद्युत स्पंदनों का उपयोग किया जाता है। चूंकि इस तकनीक में न गर्मी और न ही अत्यधिक ठंड का प्रयोग होता है, इसलिए आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुंचने का जोखिम कम करने के लिए इसे विकसित किया गया है। यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत कम समय में पूरी की जा सकती है, जिससे उपचार के बाद जटिलताओं की आशंका कम होगी और मरीज की रिकवरी भी अधिक सहज होगी। इस तकनीक की सुरक्षा और प्रभावशीलता को इंवेंस्टिगेशनल डिवाइस एक्सेम्पशन (आईडीई) क्लिनिकल परीक्षणों में प्रदर्शित किया जा चुका है। मेडट्रॉनिक इंडिया में कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी एवं इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी थेरेपीज़ के सीनियर डायरेक्टर चंद्रशेखर जैमन ने कहा, “भारत में स्ट्रोक और हृदय रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एट्रियल फिब्रिलेशन (एफिब) भी इस बढ़ती समस्या का एक महत्वपूर्ण कारण बनकर उभर रहा है, लेकिन इसके बारे में जागरूकता अभी भी सीमित है।
समय पर पहचान और उपचार नहीं मिलने पर यह स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और अन्य गंभीर हृदय संबंधी जटिलताओं का खतरा बढ़ा सकता है। हालांकि केवल तकनीक ही इन चुनौतियों का समाधान नहीं है, लेकिन नई तकनीकें स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पल्ससिलेक्ट सिस्टम की शुरुआत भारत में चिकित्सकों के लिए उपलब्ध उपचार विकल्पों का विस्तार करेगी। हमारा उद्देश्य डॉक्टरों को ऐसे उन्नत उपकरण उपलब्ध कराना है, जो उपचार को अधिक सटीक और सुरक्षित बनाने तथा एट्रियल फिब्रिलेशन से पीड़ित मरीजों के स्वास्थ्य परिणाम और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करेंगें।” कंपनी के अनुसार, क्रायोएब्लेशन आज भी एट्रियल फिब्रिलेशन के उपचार के लिए एक विश्वसनीय और प्रभावी विकल्प है। वहीं, पल्ससिलेक्ट™ पीएफए सिस्टम की शुरुआत चिकित्सकों और मरीजों के लिए उपलब्ध उपचार विकल्पों का दायरा बढ़ाने तथा हृदय रोगों के उपचार में नई और उन्नत तकनीकों को आगे बढ़ाने की मेडट्रॉनिक की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
