पश्चिम बंगाल में आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) त्योहार की तैयारियों के बीच राज्य के विभिन्न मवेशी बाजारों में इस बार भारी वीरानी और सन्नाटा पसरा हुआ है। त्योहार से पहले आमतौर पर खरीदारों और विक्रेताओं से गुलजार रहने वाले इन बाजारों में मवेशियों की आमद बेहद कम हो गई है, जिससे व्यापार पूरी तरह ठप नजर आ रहा है।
इस मंदी और वीरानी का मुख्य कारण स्थानीय व्यापारियों और खरीदारों के बीच फैला गहरा डर और असुरक्षा की भावना है। हाल के दिनों में मवेशी परिवहन को लेकर बढ़ी सतर्कता, कानूनी पेचीदगियों और विभिन्न सुरक्षा चिंताओं के चलते व्यापारी बाजारों तक पशु लाने से कतरा रहे हैं। इस स्थिति ने न केवल स्थानीय स्तर पर ईद के पारंपरिक उल्लास को प्रभावित किया है, बल्कि मवेशी व्यापार से जुड़े हजारों छोटे व्यापारियों और किसानों की आजीविका पर भी भारी संकट खड़ा कर दिया है।
