आजकल हमारे आस-पास हर दूसरे घर में डायबिटीज के मरीज मिल जाते हैं और अक्सर लोग यही सोचते हैं कि इसका मतलब सिर्फ चाय में मीठा छोड़ना या रसगुल्ले से दूरी बनाना है तथा ज्यादा से ज्यादा वे यह मानते हैं कि शुगर बढ़ने से आंखों की रोशनी या किडनी पर असर पड़ता है, लेकिन बहुत कम लोग यह समझ पाते हैं कि हाई ब्लड शुगर सबसे पहले और सबसे गहरा हमला आपके दिल पर करता है क्योंकि डॉक्टरों का साफ कहना है कि लगातार बढ़ी हुई ब्लड शुगर सीधे नसों और दिल को बीमार बनाती है और टाइप 2 डायबिटीज व दिल की सेहत का गहरा नाता होने के कारण शुगर को हल्के में लेना दिल को बहुत बड़े जोखिम में डालना है, जिसे आसान भाषा में समझें तो हमारे शरीर की खून की नलियां पाइपलाइन की तरह होती हैं जिनसे खून और ऑक्सीजन पूरे शरीर में पहुंचती है, लेकिन खून में ग्लूकोज बढ़ने पर नलियों की अंदरूनी दीवारें खुरदरी और कमजोर होने लगती हैं जिससे खून की नलियों में सूजन आने के साथ ही नसों में चर्बी और कचरा यानी प्लाक तेजी से जमने लगता है और धमनियां सख्त तथा पतली हो जाती हैं जिसके कारण दिल को खून पंप करने में बहुत जोर लगाना पड़ता है और आगे चलकर दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जबकि डायबिटीज के मरीजों के साथ सबसे बड़ी मुश्किल यह होती है कि उन्हें दिल की बीमारी का पता आसानी से नहीं चलता क्योंकि एक आम इंसान को हार्ट अटैक आने पर सीने में तेज दर्द, खिंचाव या बांह में दर्द जैसे साफ लक्षण दिखते हैं।
साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती है डायबिटीज, क्या आपका ब्लड शुगर है हाई
