05
Aug
राज्य सरकार की ओर से जारी 'स्वास्थ्य साथी कार्ड' के बावजूद एक श्रमिक माता पिता को बेटी के इलाज के लिए पैसों की जरूरत पड़ रही है| आर्थिक रूप से कमजोर ये माता पिता पैसे के अभाव में अपनी विकलांग नाबालिग बेटी का इलाज किए बिना कोलकाता से वापस गांव वापस आ गए। घटना मालदा के हरिश्चंद्रपुर - 2 प्रखंड के सुल्तान नगर ग्राम पंचायत क्षेत्र के छत्रक गांव की है| स्थानीय सूत्रों के अनुसार दिहाड़ी मजदूर नूर सालाम इसी गांव का रहने वाला है| उनकी बेटी नूर फातेमा (9) लंबे समय से एक लाइलाज बीमारी से पीड़ित हैं। गरीब माता…
