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'द गार्जियन' की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूची में किए गए बड़े बदलावों के कारण लगभग ९१ लाख लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का लगभग १०% है। रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया गया है कि 'विशेष गहन पुनरीक्षण' की इस प्रक्रिया में मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों को असंगत रूप से निशाना बनाया गया है। केंद्र सरकार ने इस कदम को मतदाता सूची को "शुद्ध" करने और "घुसपैठियों" को रोकने की कवायद बताया है, लेकिन आलोचकों ने इसे अल्पसंख्यकों…
