17
Apr
आखिरकार सिलीगुड़ी शहर को शव दाह के लिए दूसरी इलेक्ट्रिक भट्टी मिल गई। जिससे शव दाह के लिए श्मशानघाट में लोगों को लाइनों में लगकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा व समय बर्बाद होने से बच जाएगा। पूर्व नगर विकास मंत्री अशोक भट्टाचार्य की पहल पर सिलीगुड़ी में किरणचंद श्मशान घाट वैद्युतिक भट्टी का निर्माण हुआ था। दाह संस्कार की प्रक्रिया दो भट्टियों से शुरू हुई थी। बाद में जब एक भट्टी टूट गई तो एक भट्टी से दाह-संस्कार की प्रक्रिया चलती रही। परिणामस्वरूप, शव दाह के लिए आये लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। इसमें काफी परेशानी हो रही…
