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Jun
पश्चिम बंगाल में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन और भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार के गठन के शुरुआती हफ्तों में ही कोलकाता के कुख्यात 'सिंडिकेट राज' और रंगदारी नेटवर्क की रफ्तार पर ब्रेक लगता दिख रहा है। कोलकाता के ईएम बाईपास, न्यू टाउन और पाटुली जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सक्रिय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रभाव वाले रेत-सीमेंट माफिया और सिंडिकेट नेता पूरी तरह से भूमिगत या अपने गांवों में छिप गए हैं। इस बड़े बदलाव के बीच पुलिस प्रशासन के रुख में भी एक बड़ा ढांचागत सुधार देखा जा रहा है; जो पुलिस पहले बिल्डरों या शिकायतकर्ताओं को सिंडिकेट के…
