“गेट खोल दो, हमें पढ़ना है!”, “हम स्कूल नहीं जा पा रहे हैं!”— हाथों में ऐसी ही तख्तियां और बैनर लेकर सोमवार को स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों ने अस्पताल परिसर के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। करीब दो दशकों से इस्तेमाल हो रहे रास्ते को अचानक बंद कर दिए जाने के खिलाफ यह आक्रोश फूट पड़ा है।यह घटना उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट महकमा अंतर्गत बसीरहाट नगर पालिका के 5 नंबर वार्ड के नैहाटी माझेरपाड़ा इलाके की है।अस्पताल प्रशासन ने लगाया ताला, ठप हुआ रास्तास्थानीय सूत्रों के अनुसार, इलाके में स्थित ‘नैहाटी एससी/एसटी जीएफपी स्कूल’ (Naihati SC/ST GFP School) के छात्र-छात्राएं, अभिभावक और आम मरीज पिछले करीब दो दशकों (24 साल) से इस रास्ते का इस्तेमाल आवाजाही के लिए कर रहे थे।
लेकिन करीब एक हफ्ते पहले अस्पताल प्रशासन ने अचानक इस मुख्य गेट पर ताला लगा दिया, जिससे यह शॉर्टकट रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।मुख्य सड़क से हादसे का डर, अभिभावक चिंतितप्रदर्शन कर रहे सैकड़ों अभिभावकों का कहना है कि इस गेट के बंद होने के कारण अब बच्चों को मुख्य सड़क (मेन रोड) से होकर घूमकर स्कूल जाना पड़ रहा है। मुख्य सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार के कारण स्कूली बच्चों और आम लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बेहद बढ़ गया है।प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापनरास्ता खोले जाने की मांग को लेकर आज सुबह स्कूली बच्चे यूनिफॉर्म में ही बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे और इस रास्ते को दोबारा बहाल करे। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को एक मांग पत्र (स्मरण पत्र) भी सौंपा गया है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गेट का ताला नहीं खोला गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
