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जमीन से जुड़े मामले में सरकार पारदर्शिता के लिए नए नए प्रविधान ला रही है। दूसरी ओर राजस्व अधिकारी ही इसमें पलीता लगा रहे हैं।कुढ़नी के पूर्व अंचलाधिकारी अनिल कुमार संतोषी ने जिस तरह का कृत्य किया वह विभाग के लिए सोचनीय होगा। तबादले और प्रभार देने के बाद भी उन्होंने अवैध तरीके से एक-दो नहीं 20 दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के आवेदनों का ताबड़तोड़ निपटारा कर दिया।यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि इनमें से महज दो को ही अस्वीकृत किया गया। वह भी इसलिए कि इसमें आपत्ति दर्ज थी। यही नहीं उन्होंने रैयत की जमीन का रकबा भी गलत तरीके से…
