03
Aug
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ब्याज दर नीति, अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया के हालात और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें निवेशकों की धारणा को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक होंगे। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि 3 से 5 अगस्त के बीच होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक सबसे बड़ा घरेलू ट्रिगर होगी। इसके अलावा निवेशक चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की कारोबारी गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखेंगे। वैश्विक स्तर पर प्रमुख समुद्री मार्गों से कच्चे तेल की आपूर्ति में स्थिरता और…
