शिवसागर, जोरहाट समेत चार जिलों के ऋणधारकों को बड़ी राहत

असम सरकार ने हालिया बाढ़ से प्रभावित लोगों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट जिलों के पात्र ऋणधारकों के लिए छह महीने के ऋण मोरेटोरियम (Loan Moratorium) की घोषणा की है। इस अवधि के दौरान पात्र उधारकर्ताओं को अपने नियमित ऋण की किस्तें (ईएमआई) जमा नहीं करनी होंगी, जिससे बाढ़ से प्रभावित परिवारों, किसानों और छोटे व्यवसायों को वित्तीय राहत मिल सके।

सरकार के अनुसार, यह मोरेटोरियम 19 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। इसका लाभ केवल उन उधारकर्ताओं को मिलेगा जिनके ऋण खाते मोरेटोरियम लागू होने से पहले स्टैंडर्ड अकाउंट की श्रेणी में थे और जिन्हें गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित नहीं किया गया था।

इस राहत योजना के तहत आवास, शिक्षा, वाहन, कृषि, फसल तथा स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़े ऋण शामिल किए गए हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मोरेटोरियम अवधि समाप्त होने के बाद पात्र उधारकर्ता अपनी आवश्यकता और बैंकिंग नियमों के अनुसार ऋण चुकाने की अवधि छह महीने से एक वर्ष तक बढ़ाने का विकल्प भी प्राप्त कर सकेंगे।

हाल की बाढ़ ने ऊपरी असम के कई क्षेत्रों में घरों, खेती और आजीविका को व्यापक नुकसान पहुँचाया है। राज्य सरकार का कहना है कि यह विशेष राहत पैकेज प्रभावित लोगों पर वित्तीय दबाव कम करने और उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता देने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

By nanika