बंगाल और आंध्र प्रदेश के बीच आर्थिक तथा सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल शुरू हुई है। कोलकाता के दौरे पर आए आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री नारा लोकेश ने महानगर में एक भव्य और विशाल बालाजी मंदिर के निर्माण का आधिकारिक प्रस्ताव रखा है। इस सांस्कृतिक पहल के साथ ही राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के लिए भी एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश और करीब 10 हजार नए रोजगार सृजन की संभावनाएं अचानक तेज हो गई हैं।
मंत्री नारा लोकेश ने शहर के प्रमुख उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने आंध्र प्रदेश में निवेश की असीम संभावनाओं और वहां उपलब्ध आधुनिक बुनियादी ढांचे व उद्योग समर्थक नीतियों का खाका पेश किया। इसके साथ ही, सूत्रों के अनुसार नारा लोकेश ने सीएम शुभेंदु अधिकारी से भी एक शिष्टाचार मुलाकात की। इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक में दोनों नेताओं के बीच औद्योगिक सहयोग, निवेश और साझा विकास परियोजनाओं को लेकर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक के समापन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए नारा लोकेश ने बताया कि उन्होंने कोलकाता में तिरुपति की तर्ज पर एक बालाजी मंदिर निर्माण का प्रस्ताव सीएम के समक्ष रखा है, जिस पर सीएम ने बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर उतरती है, तो यह दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को एक नई पहचान देगा।
सांस्कृतिक गलियारों में मची इस हलचल के बीच व्यापारिक क्षेत्र से भी बड़ी खबर आई है। देश की अग्रणी प्लाईवुड निर्माता कंपनियों में शुमार सेंचुरी प्लाईबोर्ड्स (इंडिया) लिमिटेड ने बंगाल में निवेश को लेकर भारी उत्साह दिखाया है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक केशव भजनका ने बताया कि उनकी सीएम के साथ बेहद सार्थक बातचीत हुई है और कंपनी वर्तमान में बंगाल के भीतर तीन अलग-अलग बड़ी व्यावसायिक परियोजनाओं की संभावनाओं का गहन अध्ययन कर रही है। भजनका के मुताबिक, यदि ये परियोजनाएं स्वीकृत होती हैं, तो राज्य में लगभग 10 हजार प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के सुनहरे अवसर पैदा होंगे।
कोलकाता में बनेगा भव्य बालाजी मंदिर
