भारत के जाने-माने QSR ब्रांड, वाउ! मोमो ने देश के नए एंटरप्रेन्योर्स को बढ़ावा देने और नए-नए इनोवेशन को पहचान दिलाने के अपने इरादे को और मजबूत करते हुए राजीवा सिन्हा फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी के तहत ब्रांड की ओर से बंगाल में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर स्टार्टअप रियलिटी शो, टाइगर्स पिच, पेश किया जा रहा है। 25 जुलाई से हर शनिवार और रविवार को Zee 24 घंटा चैनल पर आने वाले इस शो का उद्देश्य बंगाल के नए दौर के एंटरप्रेन्योर्स को ढूँढना, उन्हें सलाह देना और आगे बढ़ने में सक्षम बनाना है।
आज पूरे देश में स्टार्टअप्स का इकोसिस्टम तेज़ी से बढ़ रहा है, और ऐसे माहौल में ‘टाइगर्स पिच’ का मकसद बंगाल में नए बिज़नेस की शुरुआत करने वाले होनहार लोगों को देश के सामने लाना, उन्हें सही सलाह देना और फंडिंग पाने में उनकी मदद करना है। दूर की सोच रखने वाले एंटरप्रेन्योर्स, बड़े-बड़े निवेशकों, कामयाब बिज़नेस लीडर्स और इंडस्ट्री के जानकार लोगों को एक मंच पर लाने वाला यह शो, बंगाल को देश के बड़े स्टार्टअप केंद्र के रूप में पहचान दिलाने की कोशिश कर रहा है।
इस सीज़न में इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए 48.98 करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है, जिससे यह बंगाल में स्टार्टअप्स की मदद के लिए शुरू की गई सबसे बड़ी पहलों में से एक बन गया है। निवेश के अवसरों के अलावा, इसमें भाग लेने वाले स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, सही सलाह, राष्ट्रीय टेलीविजन पर पहचान और इंडस्ट्री के बड़े नेटवर्क से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें अपने बिज़नेस को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
10 एपिसोड के इस शो में पूरे बंगाल के एंटरप्रेन्योर्स से मिले 248 से ज़्यादा आवेदनों में से चुने गए 27 स्टार्टअप्स नज़र आएंगे। इन स्टार्टअप्स को आईआईएम कलकत्ता के साथ मिलकर कई चरणों वाले सख्त प्रक्रिया के बाद चुना गया है, जिसमें उनके आवेदन की जांच से लेकर बिज़नेस का आकलन, मेंटर्स से बातचीत, बूट कैंप और पिच ऑडिशन शामिल हैं, ताकि सबसे बेहतर और आगे बढ़ने की संभावना वाले स्टार्टअप्स को मौका मिल सके। पूरे सीज़न के दौरान, अपना स्टार्टअप शुरू करने वाले लोग एक जाने-माने पैनल के सामने अपने बिजनेस आइडिया और मॉडल पेश करेंगे। उन्हें फंडिंग, बड़े-बड़े मेंटर्स की सलाह और पहचान पाने के लिए मुकाबला करना होगा। यही बात टाइगर्स पिच को एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाती है, जो नए विचारों, बिज़नेस की सोच और देश के उभरते एंटरप्रेन्योर्स को बढ़ावा देती है।
इस शो के मुख्य प्रायोजक के तौर पर, वाउ! मोमो का विजन पूरी तरह से इस प्लेटफॉर्म के अनुरूप है। कोलकाता से शुरू हुई यह कंपनी आज एक छोटे से स्टॉल से देश के सबसे बड़े फूड-टेक और QSR ब्रांड्स में शामिल हो चुकी है, जो आज बंगाल में बड़े अरमानों के साथ शुरू किए गए एक बिजनेस की कामयाबी की मिसाल बन गई है। इस साझेदारी के ज़रिए यह ब्रांड नए उद्यमियों को बड़े सपने देखने और दुनिया भर में नाम कमाने वाले बिज़नेस खड़े करने के लिए प्रेरित करना चाहता है।
इस पहल के तहत वाउ! मोमो की तरफ से ‘बेस्ट पिच अवॉर्ड’ भी दिया जाएगा। यह अवॉर्ड बेहतरीन इनोवेशन, बिज़नेस को बड़ा करने की काबिलियत, बाज़ार की संभावनाओं और कुछ बड़ा करने का जज्बा दिखाने वाले शानदार स्टार्टअप को मिलेगा।
इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए, वाउ! मोमो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक एवं सीईओ, श्री सागर दरयानी ने कहा: “हर मशहूर बिज़नेस की शुरुआत एक बड़े आइडिया और उसे पूरा करने के हौसले से होती है। वाउ! मोमो ने भी कोलकाता में एक छोटे से कियोस्क से शुरुआत की थी, जो आज देशभर में जाना-माना ब्रांड बन गया है। इससे हमारा यह यकीन और पक्का हो गया है कि काबिल एंटरप्रेन्योर हर जगह मौजूद हो सकते हैं। टाइगर्स पिच के ज़रिए हम नए एंटरप्रेन्योर्स को आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी पहचान, सही सलाह और मौके देकर उनका हौसला बढ़ाना चाहते हैं। राजीव सिन्हा फाउंडेशन के साथ मिलकर, इनोवेशन को बढ़ावा देने, एंटरप्रेन्योर्स को आगे लाने और बंगाल को भारत का अगला स्टार्टअप केंद्र बनाने में मदद करना हमारे लिए गौरव की बात है।”
यह सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं है, बल्कि टाइगर्स पिच का उद्देश्य नया बिजनेस शुरू करने वालों को निवेशकों, मेंटर्स और इंडस्ट्री के दिग्गजों के साथ जोड़कर लंबे समय तक चलने वाले स्टार्टअप पहल की शुरुआत करना है। इससे देश भर के हजारों युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। बंगाल और पूर्वी भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने वाली इस पहल से, भारत में इनोवेशन से होने वाली आर्थिक तरक्की में बड़ा योगदान मिलने की उम्मीद है।
