भारत का हेल्थकेयर सिस्टम अब दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। NHS इंग्लैंड की चेयरपर्सन डॉ. पेनी डैश ने भारत के हेल्थकेयर मॉडल की तारीफ करते हुए कहा है कि ब्रिटेन को इससे सीखने की जरूरत है। उनका मानना है कि भारत आने वाले समय में हेल्थकेयर सर्विस देने के मामले में ऐसा ग्लोबल स्टैंडर्ड स्थापित कर सकता है, जिसे दूसरे देश भी अपनाना चाहेंगे।
ग्लोबल हेल्थकेयर को लेकर अपनी राय रखने वालीं डॉ. पेनी डैश ने ‘हेल्थटेक आवर’ पॉडकास्ट में भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “भारत, वाह… भारत तो कमाल कर रहा है।” डैश के मुताबिक, भारत हेल्थकेयर सर्विस उपलब्ध कराने के मामले में दुनिया के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
उन्होंने भारत में टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि दूसरी कई चीजों की तरह भारत हेल्थकेयर में भी टेक्नोलॉजी को तेजी से अपना रहा है। उनके मुताबिक, भारत जिस तरह हेल्थकेयर में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है, वह बेहद प्रभावशाली है।
डॉ. डैश ने अमेरिका और भारत के बीच तुलना करते हुए कहा कि अमेरिका में भी हेल्थकेयर के क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है, लेकिन भारत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल ऐसे तरीकों से कर रहा है, जिनके बारे में ब्रिटेन और अमेरिका अभी सिर्फ सोच रहे हैं।
उन्होंने खास तौर पर इस बात की सराहना की कि भारत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सिर्फ आधुनिक हेल्थकेयर सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए कर रहा है। डैश के मुताबिक, भारत इस लक्ष्य को लेकर काफी गंभीर है। टेक कंपनियों के फाउंडर्स से लेकर हेल्थकेयर मैनेजर्स और डॉक्टरों तक, इस दिशा में एक जैसी सोच दिखाई देती है।
डॉ. पेनी डैश ने टेक्नोलॉजी के जरिए बड़ी संख्या में मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की भारत की क्षमता की भी तारीफ की। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन की NHS बढ़ती और उम्रदराज होती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और हेल्थकेयर सिस्टम के डिजिटाइजेशन पर जोर दे रही है।
भारत ने भी डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में तेजी से विस्तार किया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के जरिए देश ने दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक डिजिटल हेल्थ फ्रेमवर्क में से एक तैयार किया है। वहीं, ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों टेली-कंसल्टेशन यानी डॉक्टरों से ऑनलाइन सलाह की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा भारत में बीमारियों का पता लगाने और मलेरिया व डेंगू जैसे रोगों के स्थानीय प्रकोप का अनुमान लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे हेल्थकेयर सिस्टम में टेक्नोलॉजी की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
