सिलीगुड़ी नगर निगम की कमान अब नौकरशाही के हाथ: IAS आर. विमला ने संभाला नए प्रशासक का पदभार, जलभराव से मुक्ति को बताया पहली प्राथमिकता 

राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सिलीगुड़ी नगर निगम (SMC) को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। वर्तमान में उत्तर बंगाल विकास विभाग (NBDD) की सचिव पद पर कार्यरत वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी आर. विमला ने आज आधिकारिक रूप से सिलीगुड़ी नगर निगम के नए प्रशासक (Administrator) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। मंगलवार सुबह वे सिलीगुड़ी नगर निगम कार्यालय पहुंचीं और कार्यभार संभाला।निगम कार्यालय पहुंचने पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिनिधियों ने गुलदस्ता भेंट कर नए प्रशासक का स्वागत किया। इसके तुरंत बाद एक्शन मोड में आते ही उन्होंने निगम के सभी आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की और शहर की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।इस प्रशासनिक फेरबदल और नए प्रशासक के सामने मौजूद चुनौतियों की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:1. पहली परीक्षा: शहर को जलप्रलय और जलजमाव से निकालनापिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण सिलीगुड़ी के कई वार्ड इस समय तालाब में तब्दील हो चुके हैं और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ठप है।

कार्यभार संभालने के बाद जब आर. विमला से इस गंभीर नागरिक संकट पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “शहरवासियों को जलजमाव से तुरंत राहत दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन इलाकों में पानी भरा है, वहां से निकासी के लिए आपातकालीन कदम उठाए जा रहे हैं। किन क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम को तुरंत ठीक करने की जरूरत है, उन्हें चिन्हित कर आज से ही काम शुरू किया जाएगा।”2. पूर्व मेयर गौतम देव और पार्षदों के साथ मिलकर करेंगी कामप्रशासक आर. विमला ने साफ किया कि नौकरशाही के हाथ में कमान होने के बावजूद वे शहर के जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर चलेंगी। उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी के विकास और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। इसलिए वे पूर्व मेयर व वार्ड नंबर 33 के पार्षद गौतम देव समेत शहर के तमाम राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर ‘प्रशासक बोर्ड’ (Board of Administrators) को आगे बढ़ाएंगी, ताकि विकास कार्यों में कोई राजनीतिक गतिरोध न आए।

3. क्यों भंग हुआ सिलीगुड़ी नगर निगम का बोर्ड?गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में जारी हालिया राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद निर्वाचित बोर्ड समय से पहले ही भंग हो गया। शहर में प्रशासनिक शून्यता को खत्म करने और आम जनता को बुनियादी नागरिक सुविधाएं (Civic Amenities) लगातार मिलती रहें, इसके लिए राज्य सरकार ने आईएएस आर. विमला को प्रशासक नियुक्त करने का फैसला किया।चुनौतियों का पहाड़ और जनता की उम्मीदेंमॉनसून के ठीक बीच में पदभार संभालने के कारण नए प्रशासक के सामने चुनौतियों का पहाड़ है। शहर को जलजमाव से मुक्त कराना, टूटी सड़कों की मरम्मत, पीने के साफ पानी की नियमित आपूर्ति और रुके हुए विकास प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देना उनकी मुख्य परीक्षाएं होंगी। हालांकि, पहले ही दिन उनके त्वरित आश्वासनों और कड़े रुख को देखकर सिलीगुड़ी वासियों में यह उम्मीद जगी है कि अब नौकरशाही के नेतृत्व में शहर की सूरत जल्द सुधरेगी।

By Sonakshi Sarkar