Kali Puja

माँ काली की मूर्ति बनाने में जुटे मूर्तिकार, इस वर्ष मिले बड़े ऑर्डर

माँ काली की मूर्ति बनाने में जुटे मूर्तिकार, इस वर्ष मिले बड़े ऑर्डर

कुम्हारटोली के मूर्तिकार कुछ दिन आराम करने के बाद फिर से लय में आ गए हैं। दुर्गा पूजा के बाद फालाकाटा प्रखंड के जटेश्वर के कुम्हार इन दिनों काली की मूर्ति बनाने में लगे थे। काली पूजा के अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। इसलिए वे लोग फिलहाल माँ काली की मूर्ति बनाने में व्यस्त हैं। मूर्ति बनाने की फैक्ट्रियों में इन दिनों ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। कहीं काली प्रतिमा की संरचना बन रही है तो कहीं बड़ी मूर्ति के संरचना पर मिट्टी का लेप लगाने का काम चल रहा है। इस संबंध में जटेश्वर के एक…
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आज भी पुरानी परंपराओं के अनुसार होती है १०६ वां वर्ष पुरानी हेमिलटनगंज की कालीमाँ की आराधना

आज भी पुरानी परंपराओं के अनुसार होती है १०६ वां वर्ष पुरानी हेमिलटनगंज की कालीमाँ की आराधना

डुआर्स की सबसे पुरानी और पारंपरिक काली पूजा में से एक है कलचीनी ब्लॉक के हेमिलटनगंज की काली पूजा। कोरोना की स्थिति पर काबू पाने के बाद इस साल यहाँ भव्य तरीके से काली पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इस साल  इस पूजा का 106वां वर्ष है। इस पूजा की शुरुआत 1917 में यूरोपीय साहबों  ने की थी। इसके लिए यूरोपीय आकाओं द्वारा लकड़ी के मंदिर और मिट्टी की मूर्ति की स्थापना की गई थी। बाद में, स्थानीय लोग हर साल इस पूजा को आयोजित करते रहे हैं। श्रमिकों और आसपास के चाय बागानों के लोगों की मदद से, 2002 में…
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50 वर्षों से कालीपूजा कर रहीं हैं एक मुस्लिम महिला

50 वर्षों से कालीपूजा कर रहीं हैं एक मुस्लिम महिला

करीब पांच दशक से हरिपुर ब्लॉक के केंदुआ इलाके में एक मुस्लिम महिला शेफाली बेवा काली पूजा का आयोजन कर रही हैं। वर्तमान में लोगों के बीच शेफाली काली भक्त के नाम से परिचित हैं। उनकी उम्र 70 वर्ष है, इसलिए गांव के लोग उन्हें काली पूजा के आयोजन में सहयोग करते हैं। लोगों का कहना है कि उनके इस कार्य से साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए हुआ है। हर साल शेफाली की काली पूजा को देखने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं।हरिपुर के केंदुआ गांव के रेल ब्रिज के समीप ही है साल धूमधाम से शेफाली काली पूजा का आयोजन…
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