Kali Puja

भूतों का अस्पताल देखने जलपाईगुड़ी पहुंच रहे दर्शनार्थी

भूतों का अस्पताल देखने जलपाईगुड़ी पहुंच रहे दर्शनार्थी

अगरआपको जीवित भूतों को देखना हो तो आपको जलपाईगुड़ी जाना होगा। जलपाईगुड़ी के इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र के भगत सिंह स्पोर्टिंग एंड कल्चरल क्लब के तत्वावधान में इस बार की कालीपूजा में विशेष आकर्षण "घोस्ट हॉस्पिटल" है। क्लब के अधिकारी पिछले तीन साल से भूतों पर इस तरह के प्रयोग का प्रयास कर रहे हैं। थीम के नाम और डेकोरेशन और थीम में थोड़ा बदलाव किया गया है। क्लब के अधिकारियों का मानना है कि जलपाईगुड़ी की कोई अन्य क्लब या पूजा समिति ऐसे विषय पर पूजा नहीं कर पायी है। इस साल भी कई लोग भूत अस्पताल देखने के इरादे से…
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मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ६० साल पहले शुरु की गयी थी काली पूजा 

मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ६० साल पहले शुरु की गयी थी काली पूजा 

मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना के साथ आज से करीब 60 साल पहले मालदा जिला अस्पताल के सामने मां काली माता की पूजा शुरू की गई थी। उसी रिवाज का अनुपालन करते हुए सोमवार को अमावस्या के दिन श्यामा माई की मूर्ति की पूजा की गई। वर्तमान में, देवी कालीमाता का मंदिर मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के यक्ष्मा रोग विभाग से सटे परिसर में स्थित है। पूजा आयोजकों ने बताया कि करीब 60 साल पहले मेडिकल कॉलेज के अस्थायी कर्मचारी लक्ष्मण बांसफोर ने श्यामा काली पूजा की शुरुआत की थी। वह पूजा धीरे-धीरे आम लोगों की पूजा के…
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४०० साल पुरानी है जुझारुपुरियानी गांव की काली पूजा 

४०० साल पुरानी है जुझारुपुरियानी गांव की काली पूजा 

उत्तर दिनाजपुर जिले के करणदिघी प्रखंड अंतर्गत जुझारुपुरियानी की काली पूजा 400 साल पुरानी है। स्थानीय राजबंशी समाज के लोगों समेत स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस काली पूजा की शुरुआत पुनिया राजा पृथ्वी राज चौधरी ने की थी। जुझारुपुरियानी की काली पूजा राजा के शासनकाल से ही होती आ रही है। सनद रहे कि राजा पृथ्वी राज चौधरी ने अपने वंशजों के कल्याण के लिए यह काली पूजा दी थी। यह काली पूजा रात में जुझारुपुरियानी गांव में की जाती है। इस काली मां तक पहुंचने के लिए कोई विशिष्ट मार्ग नहीं है। धान के…
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डायमंड जुबली पर ख़ास होगा सिलीगुड़ी विवेकानंद क्लब का पूजा पंडाल

डायमंड जुबली पर ख़ास होगा सिलीगुड़ी विवेकानंद क्लब का पूजा पंडाल

 सिलीगुड़ी विवेकानंद क्लब काली पूजा के ७५ वें वर्ष पर इस साल ऐतिहासिक "डोगरा" कला के आधार  पर पूजा पंडाल बना रहा है। इस साल सिलीगुड़ी विवेकानंद क्लब की काली पूजा की हीरक जयंती है। इसे यादगार बनाने के लिए क्लब की ओर से साल भर विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों और विभिन्न प्रतिस्पर्धी खेलों का आयोजन किया जायेगा।  पूजा समिति के सदस्यों ने बताया क्लब की "डायमंड जुबली" को यादगार बनाने के लिए  वर्ष भर  विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा  ऐतिहासिक "डोगरा" कला को यादगार बनाने एंव इसे जन जन तक पहुंचाने के लिए इस वर्ष इसे पूजा का…
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सैकड़ों साल पुरानी पागलाहाट काली पूजा की तैयारी जोरों पर

सैकड़ों साल पुरानी पागलाहाट काली पूजा की तैयारी जोरों पर

अलीपुरद्वार जिले के कुमारग्राम पागलाहाट कालीपूजा सैकड़ों साल पुराने कालीपूजा में से एक है। फिलहाल इस प्राचीन काली मंदिर की वार्षिक पूजा की तैयारी जोरों पर चल रही है। कोरोना के बाद इस वर्ष मंदिर परिसर में धूमधाम से पूजा अर्चना की जाएगी। हालांकि स्थानीय लोगों से लेकर मंदिर समिति तक 70 से अधिक उम्र  के लोगों को यह नहीं पता कि यह पूजा कितने साल पहले शुरू हुई थी। लेकिन इतना तय है कि इस पूजा की शुरुआत अंग्रेजों के जमाने में हुई थी। एक समय यहाँ  मिट्टी की मूर्तियों की पूजा की जाती थी, बाद में 1981 में एक पत्थर…
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