शुक्रवार को सिलीगुड़ी के डागापुर कॉम्प्लेक्स स्थित श्रमिक भवन में चाय बागानों की समस्याओं और मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के श्रम एवं परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह, दार्जिलिंग के सांसद राजू विष्ट, श्रम विभाग के अधिकारी और विभिन्न चाय बागान प्राधिकरणों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
आगामी पूजा से पहले चाय बागानों के बोनस और बंद पड़े बागानों को फिर से खोलने के संबंध में बैठक में कई कड़े निर्देश जारी किए गए हैं:
बोनस से जुड़ा निर्देश: पूजा से पहले सभी चाय बागान मजदूरों को 20 प्रतिशत की दर से बोनस मिलना चाहिए। बागान प्रबंधन को आगामी 5 अक्टूबर तक यह बोनस चुकाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। बंद चाय बागान खोलने का निर्देश: वर्तमान में उत्तर बंगाल में लगभग 25 से 30 चाय बागान बंद हैं, जिससे करीब 70 से 80 हजार श्रमिक परिवार गंभीर संकट में हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए आगामी 10 दिनों के भीतर सभी बंद चाय बागानों को फिर से चालू करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई: यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर बागान नहीं खोले गए, तो सरकार सख्त कदम उठाएगी और जरूरत पड़ने पर उन बागानों को किसी अन्य उपयुक्त एजेंसी को सौंप दिया जा सकता है। सरकार के इन कड़े कदमों से पूजा से पहले चाय बागान मजदूरों के चेहरों पर मुस्कान लौटती है या नहीं, अब यह देखने वाली बात होगी।
