इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स काउंसिल की तिनसुकिया जिला समिति ने असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास कोल इंडिया लिमिटेड की बंद पड़ी खदानों से बड़े पैमाने पर किए जा रहे अवैध कोयला निष्कर्षण और परिवहन का भंडाफोड़ किया है. मानवाधिकार संस्था द्वारा जारी एक खोजी रिपोर्ट के अनुसार, ऊपरी असम के तिनसुकिया जिले में मार्घेरिटा उपमंडल के तहत आने वाले लेडो के ईटाखोला क्षेत्र में यह अवैध कारोबार एक कथित “एंट्री सिस्टम” (वित्तीय लेनदेन की एक गुप्त लेखा पद्धति) के माध्यम से सालों से संचालित हो रहा है. इस गिरोह द्वारा रोजाना वैन, पिकअप, ट्रक और डंपर जैसे दर्जनों वाहनों के जरिए खदानों से कोयला निकालकर ईंट भट्टों और कोक भट्टों (coke kilns) को सप्लाई किया जा रहा है.
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क को एक पूर्व कोल इंडिया अधिकारी की मिलीभगत से एक स्थानीय कोयला माफिया द्वारा चलाया जा रहा है, और इसका वित्तीय लेनदेन एक सड़क किनारे स्थित ढाबे से नियंत्रित होता है. इस मामले में जिला प्रशासन, पुलिस, नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स, वन विभाग और रेलवे अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए आईएचआरसी समिति ने घोषणा की है कि वे इस पूरे अवैध कोयला व्यापार पर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपेंगे, ताकि इस पर सख्त कार्रवाई की जा सके.
