मेघालय में यूरेनियम खनन को लेकर चल रही लंबी सार्वजनिक बहस के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा और स्पष्ट नीतिगत फैसला लिया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में यूरेनियम खनन के किसी भी प्रयास का विरोध करने के लिए विधानसभा में एक सर्वसम्मत प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यूरेनियम खनन के खिलाफ राज्य के लंबे समय से चले आ रहे विरोध को एक औपचारिक विधायी रूप देना और इसे कानूनी मजबूती प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने एक वीडियो बयान जारी कर सरकार के इस कड़े रुख को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एनपीपी (NPP) के नेतृत्व वाली सरकार मेघालय में यूरेनियम खनन के किसी भी प्रयास के पूरी तरह खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा, “मैंने कई बार यह पूरी तरह साफ किया है कि हमारी सरकार यूरेनियम खनन के खिलाफ है और हम राज्य में इस तरह की गतिविधि को शुरू करने के किसी भी प्रयास का डटकर विरोध करेंगे।” उन्होंने आगे जोड़ा कि यह प्रस्तावित प्रस्ताव राज्य के लोगों, जंगलों और पारिस्थितिक भविष्य को यूरेनियम खनन से जुड़े संभावित रेडियोधर्मी जोखिमों से बचाने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राज्य सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस संवेदनशील मुद्दे पर जनता के बीच लगातार चिंताएं बनी हुई हैं। इसके साथ ही, मेघालय में यूरेनियम खनन को लेकर केंद्र सरकार के अंतिम रुख पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसी स्थिति में, राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने का यह कदम न केवल केंद्र को एक कड़ा संदेश देगा, बल्कि मेघालय की प्राकृतिक संपदा और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
