भारत के अग्रणी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक, मणिपाल हॉस्पिटल्स ग्रुप की इकाई मणिपाल हॉस्पिटल रंगापानी ने राष्ट्रीय कैंसर सर्वाइवर दिवस के अवसर पर उन कैंसर सर्वाइवर्स को सम्मानित किया, जिन्होंने कैंसर के खिलाफ अपनी लड़ाई में असाधारण साहस, दृढ़ता और संकल्प का परिचय दिया। इस कार्यक्रम में सर्वाइवर्स, उनके परिवारजन, देखभालकर्ता और अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ, जिनमें डॉ. अनिर्बान नाग (कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी), डॉ. मनीष गोस्वामी (कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) और डॉ. पृथ्वीजीत मोइत्रा (एसोसिएट कंसल्टेंट – रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) शामिल थे, ने प्रत्येक सर्वाइवर की यात्रा को परिभाषित करने वाली शक्ति, आशा और दृढ़ संकल्प का सम्मान किया। यह कार्यक्रम इस बात का भी सशक्त संदेश था कि समय पर जांच, उचित उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल और अटूट इच्छाशक्ति के साथ कैंसर को हराया जा सकता है, जिससे इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे अनगिनत लोगों को आशा मिलती है।
इस कार्यक्रम ने कैंसर सर्वाइवर्स को अपनी प्रेरणादायक कहानियाँ साझा करने का मंच प्रदान किया, जो यह दर्शाती हैं कि साहस, समय पर उपचार और सकारात्मक सोच सबसे कठिन परिस्थितियों को भी पार करने में मदद कर सकते हैं। इनमें मणिपाल हॉस्पिटल रंगापानी की स्टाफ नर्स सुश्री शर्मिला गुरूंग भी शामिल थीं, जिन्होंने कैंसर से अपनी लड़ाई और इस अनुभव ने उनके जीवन के प्रति दृष्टिकोण को कैसे बदल दिया, इस बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि इस अनुभव ने उन्हें व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तरों पर और अधिक मजबूत बनाया। एक अन्य सर्वाइवर, गृहिणी सुश्री सृजना गुरूंग ने अपनी प्रेरणादायक कहानी साझा करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने अटूट संकल्प के साथ इस बीमारी का सामना किया और इसे अपने भविष्य को परिभाषित नहीं करने दिया।
कार्यक्रम में सुश्री अपु बर्मन की प्रेरणादायक यात्रा भी प्रस्तुत की गई, जो कैंसर उपचार सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद हाल ही में अपनी आरपीएफ सेवा में वापस लौटी हैं। परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य होने के साथ-साथ उन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खोने का दुख भी सहा, फिर भी उन्होंने उपचार और स्वस्थ होने की पूरी प्रक्रिया में असाधारण साहस और धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने अस्पताल की टीम के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विशेष रूप से रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की सुश्री चंद्रकला का उल्लेख किया, जिनके निरंतर मार्गदर्शन, करुणा और भावनात्मक सहयोग ने उपचार के सबसे कठिन चरणों में उनका साथ दिया। उनकी कहानी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, समर्पित देखभालकर्ताओं और अटूट मानव इच्छाशक्ति के प्रभाव का सशक्त उदाहरण बनी।
रोगियों की भावनात्मक यात्रा पर अपने विचार साझा करते हुए डॉ. अनिर्बान नाग ने कहा, “हर कैंसर सर्वाइवर साहस और दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायक कहानी का प्रतिनिधित्व करता है। राष्ट्रीय कैंसर सर्वाइवर दिवस हमें यह याद दिलाता है कि समय पर उपचार, परिवार का मजबूत सहयोग और संवेदनशील चिकित्सा देखभाल मिलने पर कैंसर से लड़ाई जीती जा सकती है।”
डॉ. मनीष गोस्वामी ने कहा, “कैंसर का उपचार केवल चिकित्सा प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है। रोगी का भावनात्मक स्वास्थ्य, परिवार का सहयोग और उपचार के दौरान प्राप्त आत्मविश्वास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एक चिकित्सक के रूप में हम केवल बीमारी का इलाज करते हैं, लेकिन रोगियों की दृढ़ता ही उन्हें कैंसर जैसी चुनौती से उबरने में मदद करती है। सर्वाइवर्स को सामान्य जीवन में लौटते देखना समय पर उपचार, संवेदनशील देखभाल और मानवीय जज़्बे की शक्ति का प्रमाण है।”
कैंसर उपचार में हो रही प्रगति पर प्रकाश डालते हुए डॉ. पृथ्वीजीत मोइत्रा ने कहा, “प्रारंभिक निदान, आधुनिक उपचार तकनीकों और बहु-विषयक दृष्टिकोण के कारण आज कैंसर उपचार पहले से कहीं अधिक सटीक हो गया है। आधुनिक रेडिएशन थेरेपी हमें स्वस्थ ऊतकों की सुरक्षा करते हुए ट्यूमर को अत्यंत सटीकता से लक्ष्य बनाने में सक्षम बनाती है। हमारा उद्देश्य केवल बीमारी का उपचार करना नहीं, बल्कि रोगियों के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखना भी है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लोगों को यह समझने में मदद करते हैं कि कैंसर आशा का अंत नहीं है। सही मार्गदर्शन और समय पर निदान के साथ रोगी एक पूर्ण और सार्थक जीवन जी सकते हैं।”
यह आयोजन मणिपाल हॉस्पिटल रंगापानी की उन्नत कैंसर देखभाल, नैदानिक उत्कृष्टता, करुणा और आशा के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है। अस्पताल प्रत्येक चरण में रोगियों और उनके परिवारों के साथ खड़े रहकर उन्हें बेहतर और स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
