रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कारगिल विजय दिवस 2026 के राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव के हिस्से के रूप में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से 13 दिवसीय ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट’ के आदर्श वाक्य के तहत आयोजित इस 1,900 किलोमीटर लंबी यात्रा में सेवारत व सेवानिवृत्त रक्षा कर्मी और कारगिल शहीदों के निकटतम परिजन शामिल हैं।
कुल 28 राइडर्स जावा और येज्डी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर द्रास, लद्दाख स्थित कारगिल युद्ध स्मारक के लिए रवाना हुए हैं। यह यात्रा चंडीमंदिर, रेज़ांग ला और लेह युद्ध स्मारकों से गुजरते हुए 26 जुलाई को समाप्त होगी।
यह अभियान राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से पवित्र मिट्टी को कारगिल ले जा रहा है, जो भारतीय युद्ध नायकों की पीढ़ियों के बीच संबंध का प्रतीक है। राइडर्स वीरांगनाओं (वीर नारियों) के लचीलेपन और बलिदान के सम्मान में उन्हें सम्मानित भी करेंगे। इस समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, थल सेना अध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और एनसीसी कैडेट शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की जीत सुनिश्चित करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और परमवीर चक्र विजेताओं कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार (सेवानिवृत्त) को याद किया।
कोलकाता के संदर्भ में, इस आयोजन से पूर्वी भारत में उत्साही लोगों के बीच प्रीमियम और एडवेंचर मोटरसाइकिलों में रुचि मजबूत होने की उम्मीद है।
उद्योग समीक्षकों का मानना है कि श्रद्धांजलि राइड्स और रक्षा-थीम वाले अभियान जावा व येज्डी जैसे हेरिटेज मोटरसाइकिल ब्रांडों के आकर्षण को मजबूत करने में मदद करते हैं, जिससे कोलकाता में डीलरशिप को कारगिल विजय दिवस अभियान अवधि के दौरान ग्राहकों के बढ़ते जुड़ाव से लाभ होने की संभावना है।
जावा येज्डी मोटरसाइकिल्स ने मोटरसाइक्लिंग समुदाय को भारत के सशस्त्र बलों की कहानियों से जोड़ने के लिए 2021 में शौर्य विजय यात्रा की शुरुआत की थी। इस वर्ष का अभियान जावा 350, 42, 42 एफजे, और येज्डी एडवेंचर व स्क्रैम्बलर मॉडलों पर पूरा किया जा रहा है। क्लासिक लेजेंड्स के सह-संस्थापक अनुपम थरेजा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए युवा पीढ़ियों को वीरता, अनुशासन, संकल्प और निस्वार्थ सेवा के मूल्यों से प्रेरित करना है।
