भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 5-3 से शिकस्त देकर टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में जगह पक्की कर ली है। एम्स्टेलवीन में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने दो-दो गोल दागे, जबकि हार्दिक सिंह ने एक गोल किया। पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहिद ने दो और सूफियान खान ने एक गोल किया। इस हार के साथ पाकिस्तान का वर्ल्ड कप अभियान समाप्त हो गया।
भारत ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती मिनटों से ही गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। मैच के चौथे मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल में तब्दील कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय टीम ने दबाव बनाए रखा और 11वें मिनट में अपनी बढ़त को 2-0 कर दिया। अभिषेक के शानदार पास पर मंदीप सिंह ने गोल करते हुए भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। पहले क्वार्टर के अंत तक भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा।
दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने तेज शुरुआत की। 20वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को हरमनप्रीत सिंह ने एक बार फिर गोल में बदल दिया और भारत की बढ़त 3-0 हो गई। हालांकि, इसके बाद पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश की। 21वें मिनट में हन्नान शाहिद ने पाकिस्तान के लिए पहला गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया।
पाकिस्तान की खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी। इसके दो मिनट बाद ही अभिषेक ने शानदार गोल करते हुए भारत की बढ़त को 4-1 कर दिया। 24वें मिनट में सूफियान खान ने पाकिस्तान के लिए दूसरा गोल किया और स्कोर 4-2 पर पहुंच गया।
तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारत के सुखजीत सिंह को ग्रीन कार्ड मिला। इसके बावजूद भारतीय टीम ने अपना दबाव बनाए रखा। मैच के 34वें मिनट में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे हार्दिक सिंह ने गोल में बदलकर टीम को 5-2 की बढ़त दिला दी।
चौथे और अंतिम क्वार्टर में पाकिस्तान ने एक बार फिर वापसी की कोशिश की। 45वें मिनट में हन्नान शाहिद ने अपना दूसरा गोल करते हुए पाकिस्तान को 5-3 तक पहुंचाया। इसके बाद दोनों टीमों ने कई हमले किए, लेकिन किसी को भी गोल करने में सफलता नहीं मिली।
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम ने आखिरी मिनटों में पाकिस्तान को कोई और मौका नहीं दिया और 5-3 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप के अगले राउंड में प्रवेश कर लिया, जबकि पाकिस्तान का टूर्नामेंट में सफर यहीं समाप्त हो गया।
