दूसरों को कानून का पाठ पढ़ाने वाले जब खुद नियम तोड़ते हैं, तो जनता का सब्र टूट ही जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा जलपाईगुड़ी जिले के बेलाकोबा अंतर्गत कॉलेज पाड़ा इलाके में देखने को मिला। आम बाइक सवारों को हेलमेट न पहनने और कागजात न होने पर रोजाना भारी-भरकम जुर्माना लगाने वाले एक होमगार्ड को जब जनता ने खुद नियम तोड़ते पकड़ा, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। हंगामा बढ़ता देख बेलाकोबा चौकी की पुलिस को मौके पर दौड़ना पड़ा और आखिरकार जनता के भारी दबाव में पुलिस को अपने ही होमगार्ड की बाइक का चालान काटना पड़ा।कल जिसका चालान काटा, आज उसी इलाके में खुद बिना कागजात के पकड़े गएघटना की पृष्ठभूमि: बताया जा रहा है कि इस होमगार्ड ने कल ही विवेकानंद कॉलोनी के एक स्थानीय निवासी का हेलमेट न पहनने के कारण चालान काटा था।
आज जब वह खुद कॉलेज पाड़ा इलाके से बाइक चलाकर गुजर रहा था, तो स्थानीय लोगों को कुछ संदेह हुआ। युवाओं ने तुरंत मोबाइल ऐप के जरिए सरकारी व्हीकल पोर्टल पर उसकी बाइक का नंबर डालकर सर्च किया, तो चौकाने वाला सच सामने आया। ऐप में साफ दिखा कि होमगार्ड की खुद की बाइक का टैक्स, इंश्योरेंस और कई जरूरी दस्तावेज काफी समय से फेल (अमान्य) हैं।दोहरे मापदंड पर भड़की जनता, पुलिस ने की बीच-बचाव की कोशिशकानून के रखवाले के इस दोहरे चरित्र और दोहरे मापदंड को देखते ही स्थानीय लोगों ने होमगार्ड का रास्ता रोक लिया और सड़क पर ही विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही बेलाकोबा चौकी की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।भारी जन-दबाव के आगे झुकी पुलिस, काटा गया जुर्मानाशुरुआत में पुलिस ने अपने सहकर्मी का बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित जनता टस से मस नहीं हुई। लोगों की मांग थी कि जब आम जनता पर तुरंत जुर्माना थोपा जाता है, तो नियम तोड़ने वाले पुलिसकर्मी को क्यों बख्शा जाए? अंततः जनता के भारी दबाव के आगे झुकते हुए पुलिस अधिकारियों को ऑन-स्पॉट उस होमगार्ड की बाइक का चालान काटना ही पड़ा।इस घटना के बाद इलाके में ‘रक्षक ही भक्षक’ बनने को लेकर चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस के इस दोहरे रवैये ने उनके निष्पक्ष काम करने के तरीकों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
