ऐतिहासिक मतदान तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में स्वतंत्रता के बाद का सबसे अधिक वोट प्रतिशत दर्ज चुनाव आयोग ने मतदाताओं को किया सलाम

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं की सराहना करते हुए कहा है कि दोनों राज्यों में स्वतंत्रता के बाद का अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है। २३ अप्रैल २०२६ को हुए विधानसभा चुनावों में तमिलनाडु में ८४.६९% मतदान हुआ, जिसने २०११ के ७८.२९% के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। वहीं, पश्चिम बंगाल के पहले चरण के मतदान में ९१.७८% की भारी भागीदारी देखी गई, जो २०११ के ८४.७२% के पिछले उच्चतम स्तर से कहीं अधिक है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताते हुए हर मतदाता के उत्साह को सलाम किया है।

चुनाव आयोग ने इस ऐतिहासिक भागीदारी के लिए कई नई पहल की थीं, जिसमें ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें, मतदाता सूचना पर्चियों का नया डिजाइन और प्रति मतदान केंद्र १,२०० मतदाताओं की सीमा तय करना शामिल था। आयोग ने दोनों राज्यों के १००% मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी। इसके अलावा, दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर, स्वयंसेवक और परिवहन जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई थीं। मतदान के दौरान छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बावजूद, मतदाताओं का भारी संख्या में बाहर निकलना निर्वाचन प्रक्रिया में जनता के बढ़ते भरोसे और सक्रियता को दर्शाता है।

By rohan