विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रामगढ़ के खास जंगल फुटबॉल मैदान में सिधु-कानू गांवता क्लब की ओर से भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं भाजपा की केंद्रीय प्रवक्ता भारती घोष मुख्य रूप से मौजूद रहीं। आदिवासी संस्कृति, परंपरा, लोकगीत और पारंपरिक नृत्य से पूरा कार्यक्रम जीवंत हो उठा।कार्यक्रम की शुरुआत भारती घोष द्वारा सिधु-कानू की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद आदिवासी महिला और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित शोभायात्रा निकालकर उनका स्वागत किया।कार्यक्रम के दौरान आदिवासी महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि पुरुषों ने पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाकर माहौल को उत्सवमय बना दिया। इसी दौरान भारती घोष भी आदिवासी महिलाओं के साथ नृत्य में शामिल हुईं। उनके नृत्य में शामिल होने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।मंच पर भारती घोष सहित अन्य अतिथियों का आदिवासी महिला और पुरुषों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण मुखर्जी, दिल्ली से आए समाजसेवी अरुण उपाध्याय, सुब्रत मंडल, शुभेंदु पाल और शिक्षक रेबती रेवन टुटू समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।इस अवसर पर भारती घोष ने आदिवासी समाज के विशिष्ट लोगों और शिक्षकों को चादर एवं उत्तरीय देकर सम्मानित किया। विभिन्न नृत्य दलों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शामिल बच्चों को स्कूल बैग और चॉकलेट वितरित किए गए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारती घोष ने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय से पिछड़ा और आदिवासी बहुल इलाका रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने आदिवासी समुदाय के विकास को लेकर कई वादे किए, लेकिन उन वादों के अनुरूप काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि भारत के प्राचीनतम जनजातीय समुदायों में शामिल आदिवासी समाज को अभी भी अपेक्षित स्तर पर विकास नहीं मिल पाया है।
भारती घोष ने दावा किया कि भाजपा आदिवासी समाज के साथ खड़ी है और उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।इस दौरान उन्होंने लालगढ़ क्षेत्र में कथित अवैध बालू तस्करी का मुद्दा भी उठाया। भारती घोष ने कहा कि कार्यक्रम में आने के दौरान उन्होंने भारी मात्रा में बालू लदे वाहनों को इलाके से गुजरते देखा, जिससे क्षेत्र की सड़कों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने इस मामले में सरकार का ध्यान आकर्षित करने की मांग की।विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में रामगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी महिला और पुरुष शामिल हुए। पारंपरिक नृत्य, लोकसंगीत और आदिवासी संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच खास जंगल फुटबॉल मैदान में पूरे दिन उत्सव का माहौल बना रहा।
