मुशहरी के तत्कालीन CO समेत 4 पर FIR का आदेश, केवाला वाली जमीन के दाखिल-खारिज का मामला

मुजफ्फरपुर में जमीन के दाखिल-खारिज का मामला कोर्ट पहुंचा. तत्कालीन सीओ सहित 4 लोगों पर FIR दर्ज करने और जांच का आदेश दिया गया है.
मुशहरी के तत्कालीन अंचल अधिकारी महेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया गया है. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत ने सदर थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव निवासी भोला साह के परिवाद पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. परिवादी ने आरोप लगाया है कि केवाला के माध्यम से प्राप्त जमीन का गलत तरीके से उनके भाई महेश्वर साह के नाम दाखिल-खारिज कर दिया गया. मामले में अदालत ने पहले अपर समाहर्ता (एडीएम) से रिपोर्ट मांगी थी. मामले में मुशहरी के तत्कालीन सीओ महेंद्र शुक्ला, आरओ करुण कुमार, राजस्व कर्मचारी विकास कुमार और धर्मपुर निवासी महेश्वर साह को आरोपित किया गया है. भोला साह ने आरोप लगाया कि केवाला से प्राप्त जमीन का दाखिल-खारिज गलत तरीके से उनके भाई महेश्वर साह के नाम कर दिया गया. इसी मामले को लेकर उन्होंने न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भोला साह ने दो मार्च को सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने संबंधित तथ्यों की जांच के लिए एडीएम से रिपोर्ट मांगी. इसके बाद स्मार पत्र भेजे जाने और कारण पृच्छा का जवाब नहीं मिलने के बाद अदालत ने चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने का आदेश दिया. अदालत के आदेश के बाद अब मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जानी है. जांच के दौरान जमीन के दाखिल-खारिज से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी. फिलहाल आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. संबंधित पक्षों का विस्तृत जवाब उपलब्ध नहीं है. जानकारी के अनुसार, अहियापुर थाने में दर्ज एक अन्य मामले में तत्कालीन सीओ महेंद्र शुक्ला और राजस्व कर्मचारी विकास कुमार फिलहाल जेल में हैं. हालांकि, यह मामला धर्मपुर की जमीन के दाखिल-खारिज से जुड़े परिवाद से अलग बताया गया है.

By Paromita