अन्य आय में गिरावट के बावजूद प्रोविजनिंग घटने से SBI का मुनाफा मजबूत हुआ

देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक ऋणदाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) में अपने एकल शुद्ध लाभ में 14.3 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹20,160 करोड़ से बढ़कर ₹23,038 करोड़ पर पहुंच गया। बैंक के मुनाफे में इस सुधार की मुख्य वजह शुद्ध ब्याज आय (NII) में 14.7 प्रतिशत की स्वस्थ वार्षिक वृद्धि तथा प्रोविजन्स और आकस्मिकताओं (contingencies) में दर्ज की गई महत्वपूर्ण गिरावट रही। प्रोविजनिंग में आई इस कमी ने गैर-ब्याज आय में हुई भारी गिरावट के प्रभाव को बेअसर करते हुए बैंक के कुल लाभ को मजबूत सहारा दिया। दूसरी तिमाही में SBI की शुद्ध ब्याज आय बढ़कर ₹49,143 करोड़ हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹42,847 करोड़ थी, जबकि पिछली तिमाही के ₹46,992 करोड़ की तुलना में इसमें 4.6 प्रतिशत की क्रमिक (sequential) वृद्धि दर्ज की गई। इसके विपरीत, समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की अन्य आय वार्षिक आधार पर 23.8 प्रतिशत घटकर ₹11,777 करोड़ रह गई, जो पिछले साल ₹15,463 करोड़ थी। प्रोविजनिंग का खर्च साल-दर-साल आधार पर 21.9 प्रतिशत घटकर ₹4,217 करोड़ पर आ गया। संपत्ति की गुणवत्ता के मोर्चे पर, 30 सितंबर 2026 तक बैंक का ग्रॉस एनपीए (GNPA) अनुपात सुधरकर 1.39 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वर्ष 1.73 प्रतिशत था। इसी प्रकार, नेट एनपीए अनुपात घटकर 0.36 प्रतिशत पर आ गया। कुल आंकड़ों में ग्रॉस एनपीए ₹72,529 करोड़ रहा, जबकि बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो 74.43 प्रतिशत दर्ज किया गया। समीक्षाधीन अवधि के दौरान बैंक का कुल क्रेडिट उठाव यानी कर्ज 18.2 प्रतिशत बढ़कर ₹51.54 ट्रिलियन (लाख करोड़) हो गया, जबकि कुल जमा राशि 12.3 प्रतिशत बढ़कर ₹62.78 ट्रिलियन पर पहुंच गई, जिससे बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स सुधरकर 1.19 प्रतिशत हो गया।

By nanika