आगामी दुर्गापूजा उत्सव से पहले सड़कों की बदहाली को दूर करने और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य सचिवालय नवान्न में आयोजित विभागीय सचिवों की एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि राज्यभर की सभी क्षतिग्रस्त और जर्जर सड़कों की मरम्मत का कार्य हर हाल में 10 अक्टूबर तक पूरा किया जाए।
नवान्न के प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बैठक में चिंता जताते हुए कहा कि हाल ही में हुई मानसूनी बारिश के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में सड़कों की स्थिति काफी खराब हुई है, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देश दिया कि टेंडर प्रक्रिया को बिना किसी देरी के पूरी पारदर्शिता और तय नियमों के तहत संपन्न कराया जाए। सड़क मरम्मत अभियानों को समय पर पूरा करने के लिए सरकार ने लोक निर्माण विभाग को 500 करोड़ रुपये का विशेष बजट भी जारी किया है।
विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने ठेकेदारों और वेंडरों की समस्याओं के समाधान पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछली व्यवस्था में कई वेंडरों और ठेकेदारों को प्रशासनिक अड़चनों के कारण भुगतान व काम से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वे संबंधित वेंडरों के साथ सीधी बैठक कर उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान निकालें, ताकि मरम्मत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ बैठक में स्वास्थ्य बीमा योजनाओं और आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे को बढ़ाने के लिए 16 अगस्त को कोलकाता स्थित नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयुष्मान भारत दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो नागरिक आयुष्मान भारत योजना के मापदंडों के तहत नहीं आते हैं, उन्हें राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में प्राथमिकता से शामिल किया जाए। 15 अगस्त को आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार स्कूली छात्रों की प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं रहेगी। यह फैसला पिछले वर्ष भीषण गर्मी और अचानक हुई बारिश के कारण कई बच्चों के बीमार पडऩे की घटनाओं को देखते हुए लिया गया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम अधिकतम एक घंटे की सीमित अवधि में ही संपन्न कराने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री का दुर्गापूजा से पहले सड़कें दुरुस्त करने का सख्त निर्देश
