27
Aug
गणेश‑दुर्गा के महोत्सव में जहां मिट्टी और पॉलिथिन की मूर्तियाँ आम होती हैं, वहीं पुरातन मालदा के शांतिपुर म्युनिसिपल हाई स्कूल के छात्र सोहम दे ने साबित कर दिया कि “कागज़ से भी दुर्गा प्रतिमा निर्मित हो सकती है”—बिल्कुल पर्यावरण‑मित्र इस अंदाज़ में। सोहम, हाल ही में 2024 में हाईमाध्यमिक पास किए हैं और अब मेडिकल की पढ़ाई के लिए तैयारी कर रहे हैं। उनका परिवार साधारण है—माँ गृहिणी और पिता एक सेवानिवृत्त शिक्षक। बचपन से ही रचनात्मक होने की प्रवृत्ति उन्हें विशेष बनाती रही है—पहली दुर्गा प्रतिमा उन्होंने कक्षा पांचवीं में पिकबोर्ड से तैयार की थी। धीरे‑धीरे उन्होंने पुराने…
