14
Sep
कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते मालदा के ढाकियों की रोजी-रोटी छिन गई है| ढोल बजाने के पेशे को छोड़कर अधिकांश ढाकी अब दिहाड़ी मजदूर का काम कर रहे हैं। कोई दूसरे राज्य में काम करने जा रहा है तो कोई ईंट भट्ठे से मजदूर का काम कर रहा है। अधिकांश ढाकियों ने बताया दूसरे राज्य से विगत दो वर्षों से लॉकडाउन के कारण कोई आर्डर प्राप्त नहीं हुआ है। इस वजह से उन्हें ढाकी बजाना छोड़ना पड़ा और दूसरे पेशे में जाना पड़ा। उन्हें अपने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ बेहद लाचारी में दिन गुजारना पड़ रहा है। इन लोगों का…
