भागलपुर- विश्वविद्यालय कर्मचारियों के वेतन में 60% कटौती:3 महीने से हो रही कटौती से नाराज, कामकाज ठप; दुर्गापूजा बाद तालाबंदी की चेतावनी

भागलपुर विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने वेतन कटौती और लंबित प्रमोशन के खिलाफ दो दिवसीय धरना शुरू किया है। उनका आरोप है कि पिछले तीन महीने से वेतन में करीब 60 प्रतिशत की कटौती की जा रही है। इस प्रदर्शन से विश्वविद्यालय का कामकाज ठप हो गया है।
बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ, भागलपुर प्रक्षेत्र के तहत यह धरना दिया जा रहा है। कामकाज बंद होने से विद्यार्थी और अभिभावक भी परेशान होकर लौट गए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर दुर्गापूजा के बाद विश्वविद्यालय में तालाबंदी होगी। कर्मचारियों का सवाल है कि जब वेतन काटने के लिए कमेटी नहीं बनी, तो अब कटौती वापस करने के लिए कमेटी बनाने की बात क्यों हो रही है। महासंघ के मंत्री सुशील मंडल ने कहा कि राज्य सरकार के वेतन निर्धारण के तहत मिल रहे वेतन में कटौती का अधिकार किसी को नहीं है। कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक परेशानी बयां करते हुए कहा कि लगातार तीन महीने से वेतन में करीब 60 प्रतिशत कटौती होने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कई कर्मचारियों ने बैंक से कर्ज ले रखा है। हर महीने बैंक की किस्त चुकानी पड़ती है, लेकिन जब वेतन ही पूरा नहीं मिलेगा तो किस्त कहां से जमा होगी?
कर्मचारियों का कहना था कि नौकरी करने के बावजूद उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वेतन कटौती का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए। वेतन कटौती के साथ कर्मचारियों ने प्रमोशन के मुद्दे पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरा। उनका आरोप है कि समय पर मिलने वाला प्रमोशन वर्षों से लंबित है। करीब पांच वर्षों से प्रमोशन कमेटी के गठन की बात होने के बावजूद कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिला है। अब टाइम बाउंड प्रमोशन के नाम पर मामले को आगे बढ़ाने के बजाय टालमटोल किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने तंज कसते हुए कहा कि प्रमोशन के मामले में उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है, जबकि हक का लाभ अब तक नहीं मिला। उन्होंने प्रशासन पर कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगाया।
कर्मचारियों के आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया। हालांकि, कर्मचारी केवल आश्वासन से संतुष्ट होने के बजाय वेतन कटौती वापस लेने और बकाया भुगतान की मांग पर अड़े रहे।
महासंघ ने साफ कर दिया है कि दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन के दौरान यदि वेतन कटौती वापस लेकर बकाया राशि के भुगतान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो दुर्गापूजा के बाद आंदोलन और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने पूरे विश्वविद्यालय, स्नातकोत्तर विभागों और महाविद्यालयों को बंद कराने की चेतावनी दी है।

सुशील मंडल की अगुवाई में चल रहे इस आंदोलन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब सवाल यह है कि कर्मचारियों को उनका पूरा वेतन और लंबित प्रमोशन कब मिलेगा, या फिर दुर्गापूजा के बाद विश्वविद्यालय में आंदोलन का अगला दौर शुरू होगा।

By Paromita