इस बार भारत अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है। इस सुनहरे मौके पर एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (एआईएनयू हॉस्पिटल), सिलीगुड़ी ने देश की आजादी के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। ख़ासतौर पर उत्तर बंगाल के स्वतंत्रता सेनानियों और उन गुमनाम नायकों को याद किया गया, जिन्होंने देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
एआईएनयू सिलीगुड़ी में हुए इस कार्यक्रम में डॉक्टर, नर्स, कर्मचारी और हॉस्पिटल से जुड़े सभी लोग शामिल हुए। सभी ने इस ख़ास दिन हिम्मत, सेवा और संघर्ष के मूल्यों को याद किया, जिन्होंने देश को आजादी की राह पर आगे बढ़ाया था।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया। इसके साथ ही उत्तर बंगाल के स्वतंत्रता सेनानियों को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आजादी की लड़ाई में उत्तर बंगाल के योगदान को लोगों तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के बारे में बताना था।
इस मौके पर एआईएनयू सिलीगुड़ी ने “नॉर्थ बंगाल रिमेंबर्स” नाम से एक ख़ास अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य उत्तर बंगाल के उन बहादुर लोगों को याद करना है, जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में योगदान दिया। इस अभियान में पहाड़ी इलाकों, तराई क्षेत्र और सिलीगुड़ी से मालदा तक के अलग-अलग समुदायों के स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों को सामने लाया गया। इस अभियान के जरिए एआईएनयू ने उन प्रसिद्ध और गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया, जिन्होंने अपनी हिम्मत, बलिदान और संघर्ष से उत्तर बंगाल के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जागरूकता अभियान के तहत एआईएनयू सिलीगुड़ी ने मरीजों के लिए एक ख़ास क्विज प्रतियोगिता कराई। इसमें भारत की आजादी, उत्तर बंगाल के योगदान और वहां के स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े सवाल पूछे गए। इसका उद्देश्य मरीजों को उत्तर बंगाल के इतिहास के बारे में जानकारी देना और उन बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों के बारे में उनकी रुचि बढ़ाना था, जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया।
इस मौके पर एआईएनयू सिलीगुड़ी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और यूरोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट व रोबोटिक सर्जन, सीनियर कंसल्टेंट डॉ. जॉयदीप घोष ने बताया कि, “स्वतंत्रता दिवस सिर्फ हमारी आज़ादी का जश्न मनाने का दिन नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत लोगों को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने अपनी बहादुरी और बलिदान से हमें आज़ादी दिलाई। उत्तर बंगाल का भी स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यहां के वीर स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों को याद रखना और आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाना बहुत जरूरी है। ‘नॉर्थ बंगाल रिमेम्बर्स’ अभियान के जरिए हम उत्तर बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों जैसे पहाड़, तराई, सिलीगुड़ी और मालदा के वीर स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य है कि उनकी बहादुरी और बलिदान की कहानियां आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देती रहें।”
डॉ.बी. विजय किरण, मेडिकल डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट और किडनी ट्रांसप्लांट फिजिशियन ने कहा कि, “यह क्विज प्रतियोगिता लोगों को जागरूक करने और उन्हें अपने क्षेत्र के इतिहास के बारे में जानने का मौका देने की एक अच्छी कोशिश है।एआईएनयू में हमारा मानना है कि लोगों की सेवा करना हमारे काम का सबसे जरूरी हिस्सा है। साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने से हमें यह भी याद रहता है कि समाज और देश के लिए हमारी भी जिम्मेदारी है।”
भारत की आज़ादी के 79 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के अवसर पर एआईएनयू सिलीगुड़ी ने समाज की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया। संस्थान ने “राष्ट्र प्रथम” की भावना को सर्वोपरि रखते हुए करुणा, उत्कृष्टता और ईमानदारी के साथ लोगों की सेवा करने तथा उन मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया, जिन्होंने स्वतंत्र भारत की पहचान और नींव को मजबूत किया है।
