आगामी ऐतिहासिक रथयात्रा को लेकर शक्तिगढ़ स्थित श्री केशव गोस्वामी गौड़ीय मठ ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मठ की ओर से आयोजित एक पत्रकार वार्ता में इस बार की रथयात्रा को लेकर जहां सभी भक्तों व आम जनता को सादर आमंत्रित किया गया, वहीं सुरक्षा और पवित्रता को ध्यान में रखते हुए कुछ कड़े और सराहनीय फैसले भी साझा किए गए।
मठ अधिकारियों ने स्पष्ट घोषणा की है कि इस वर्ष रथयात्रा उत्सव के दौरान रथ के आसपास के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की मांसाहारी भोजन (Non-Veg) की दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, मेले के आयोजन में किसी भी तरह की सिंडिकेट या जबरन वसूली की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत: कोई शुल्क नहीं
इस बार मेले की भव्यता और जन-भागीदारी बढ़ाने के लिए मठ ने एक बड़ा फैसला लिया है। मेले में दुकान या स्टॉल लगाने वाले व्यापारियों से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क (किराया) नहीं लिया जाएगा। यह पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जिससे छोटे दुकानदारों और स्थानीय व्यवसायियों को काफी संबल मिलेगा।
मुख्यमंत्री की वित्तीय सहायता पहल का स्वागत
इसके अतिरिक्त, राज्य में हुए राजनीतिक व प्रशासनिक बदलाव (परिवर्तन) के बाद पहली बार आयोजित हो रही इस रथयात्रा के अवसर पर, राज्य की ऐतिहासिक रथ कमेटियों को 5-5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा के लिए मठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। गौड़ीय मठ की रथ कमेटी ने स्पष्ट किया कि हालांकि अभी तक उनके पास इस अनुदान की राशि नहीं पहुंची है, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है और उन्हें बहुत जल्द यह सरकारी सहायता राशि मिल जाने का पूरा आश्वासन मिला है। आयोजकों ने विश्वास जताया है कि परंपरा, भक्ति और सुव्यवस्थित एवं अनुशासित प्रबंधन के तालमेल से सिलीगुड़ी की यह रथयात्रा इस बार और भी भव्य व आकर्षक रूप लेगी।
