22 दिसंबर, 2024 को कोलकाता के खन्ना हाई स्कूल में आयोजित अखिल भारतीय बार परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी की घटना के सिलसिले में चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान आलोक अधिकारी, सुब्रत सरकार, मससुल हुसैन और जगन्नाथ मन्ना के रूप में हुई है। उन पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया के परीक्षा दिशानिर्देशों के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
यह मामला खन्ना हाई स्कूल के शिक्षक-प्रभारी और परीक्षा के लिए केंद्र अधीक्षक श्री राहुल देव शर्मा द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद सामने आया। शिकायत के अनुसार, परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर बार काउंसिल के सख्त प्रतिबंध के बावजूद, आरोपी सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे के बीच मोबाइल फोन के साथ परीक्षा हॉल में घुसे। व्यक्तियों ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचीं और छवियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दूसरों को भेजा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता से समझौता हुआ।
जांच से पता चला कि आरोपी एक समान इरादे से काम कर रहे थे, जिसका उद्देश्य प्रश्नपत्र को दूसरों को वितरित करके परीक्षा में अनुचित लाभ प्राप्त करना था। इससे कुछ उम्मीदवारों को गलत लाभ होने की संभावना थी और दूसरों को गलत नुकसान हुआ। इस तरह की गड़बड़ी बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों का सीधा उल्लंघन है, जो परीक्षा में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का आदेश देते हैं।
शिकायत दर्ज होने के बाद, नारकेलडांगा पुलिस ने नारकेलडांगा पीएस केस नंबर 377/2024 के तहत मामला दर्ज किया और मामले की पूरी जांच शुरू कर दी। आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया और अब उन पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 3(5), 61, 318(4) और 223(ए) के तहत आरोप लगाए गए हैं। पुलिस साजिश के पूरे दायरे की जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि क्या इस कृत्य में अन्य व्यक्ति भी शामिल थे।