बीएसएपी के 122 जवानों की तबीयत बिगड़ी, 117 डिस्चार्ज; पांच का डीएमसीएच में इलाज जारी

दरभंगा स्थित बीएसएपी-13 के 122 जवानों की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) लाया गया। इनमें से 117 जवानों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि पांच जवानों को डीएमसीएच में भर्ती रखकर चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र के अनुसार, जवानों में फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण पाए गए हैं और इसी आधार पर उनका इलाज किया गया।
हालांकि, जवानों की तबीयत बिगड़ने की वजह को लेकर बीएसएपी प्रबंधन और अस्पताल की ओर से अलग-अलग बातें सामने आई हैं। बीएसएपी-13 के कमांडेंट रवीश कुमार का कहना है कि जवान आंसू गैस के गोले दागने की ट्रेनिंग के दौरान उसके विस्फोट से प्रभावित हुए थे। वहीं, इलाज के दौरान जवानों ने डॉक्टरों को बताया कि उन्होंने दोपहर के भोजन में मशरूम की सब्जी खाई थी और खाना खाने के बाद उल्टी, पेट दर्द समेत कई तरह की परेशानियां शुरू हुईं।
बीएसएपी-13 के कमांडेंट रवीश कुमार के अनुसार, बुधवार को प्रशिक्षित जवानों को आंसू गैस के गोले दागने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इसी दौरान आंसू गैस के गोले के विस्फोट के कारण जवानों की तबीयत बिगड़ गई। उनका कहना है कि बीमार पड़े जवान वरिष्ठ जवानों की ट्रेनिंग देख रहे थे और इस दौरान वे आंसू गैस की चपेट में आ गए। कमांडेंट की ओर से पहले सात जवानों के बीमार होने की बात कही गई, जिन्हें इलाज के लिए डीएमसीएच भेजे जाने की जानकारी दी गई। हालांकि, डीएमसीएच के रजिस्ट्रेशन काउंटर के अनुसार कुल 122 जवानों को अस्पताल लाया गया था। इस अंतर को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इलाज के लिए डीएमसीएच पहुंचे जवानों ने चिकित्सकों को बताया कि दिन के भोजन में उन्हें मशरूम की सब्जी दी गई थी। भोजन करने के बाद कई जवानों को उल्टी, पेट दर्द और अन्य शिकायतें होने लगीं। शुरुआत में बीएसएपी कैंप में ही उनका प्राथमिक उपचार किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें आनन-फानन में डीएमसीएच लाया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र के मुताबिक, चिकित्सकों को जवानों में फूड पॉइजनिंग के लक्षण मिले हैं। इन्हीं लक्षणों के आधार पर उनका इलाज किया गया। इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर 117 जवानों को डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि पांच जवानों को निगरानी में रखा गया है। एक साथ बड़ी संख्या में जवानों के अस्पताल पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने इमरजेंसी में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया। इसके बाद सभी जवानों के इलाज की व्यवस्था की गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इलाजरत सभी जवान खतरे से बाहर हैं। डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार के अनुसार भी इलाज के लिए आए जवानों में फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण मिले थे। इसी आधार पर उनका उपचार किया गया और स्वस्थ होने के बाद कई जवानों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जवानों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह को लेकर अब स्थिति जांच का विषय बन गई है। एक तरफ बीएसएपी कमांडेंट का कहना है कि जवान आंसू गैस के संपर्क में आने से प्रभावित हुए, जबकि अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग के लक्षण पाए हैं। जवानों ने भी मशरूम की सब्जी खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात डॉक्टरों को बताई है। फिलहाल 117 जवानों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और पांच जवान चिकित्सकीय निगरानी में हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी खतरे से बाहर हैं। बीमारी की वास्तविक वजह आंसू गैस के संपर्क में आना था या भोजन से जुड़ी समस्या, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। बीएसएपी के बीमार जवानों में सत्येंद्र सिंह, प्रियंका कुमारी, हिना कुमारी, सुष्मिता कुमारी, बृजकिशोर कुमार, शालो कुमारी, राखी कुमारी, स्वीटी कुमारी, ललित पासवान, प्रिया कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, रिचा कुमारी, रूपा कुमारी, नीलू कुमारी, ममता कुमारी, उषा कुमारी, ज्योति कुमारी, मीना कुमारी, पूजा कुमारी, अनुष्का कुमारी, नेहा, सपना कुमारी, दिव्या कुमारी, अनुराधा कुमारी, बबीता कुमारी, वीणा कुमारी, निर्जला कुमारी, कोमल कुमारी और रागिनी कुमारी सहित कुल 122 जवानों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी है। सभी को बीती रात इलाज के लिए डीएमसीएच लाया गया था।

By Paromita