पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के धुपगुड़ी ब्लॉक अंतर्गत गधेयारकुटी ग्राम पंचायत में शनिवार को उस वक्त तनाव फैल गया, जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि लगभग 4-5 महीने पहले इलाके में आई भीषण बाढ़ के दौरान, उन्होंने राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए खाना बनाने का काम किया था। ‘महिला संघ’ के सदस्यों का दावा है कि उन्होंने दिन-रात मेहनत कर बाढ़ पीड़ितों की सेवा की, लेकिन इतने महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें उनके काम का पारिश्रमिक (पैसा) नहीं मिला है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख शिकायतें हैं कि बाढ़ राहत कार्य में लगी दर्जनों महिलाओं को अभी तक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। प्रदर्शन में शामिल कुछ ठेकेदारों (एजेंसियों) ने भी आरोप लगाया कि उन्होंने पंचायत के तहत शौचालय निर्माण और चापाकल (नल) लगाने जैसे काम किए थे, लेकिन उनका भुगतान भी अटका हुआ है। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत प्रधान और सदस्यों से गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। भारी हंगामे और कार्यालय में ताला लटकने के कारण पंचायत का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।
इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारियों का कहना है कि फंड की अनुपलब्धता या तकनीकी कारणों से देरी हो सकती है। पंचायत ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास करते हुए आश्वासन दिया है कि: मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। बकाया राशि का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके बैंक खातों में पैसे नहीं आए, तो वे आने वाले दिनों में और भी बड़ा आंदोलन करेंगे।
