मालदा के लिए 17 जनवरी का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदा टाउन स्टेशन से देश की पहली स्लीपर क्लास वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री छह अन्य जोड़ी ट्रेनों का भी उद्घाटन करेंगे। इस भव्य आयोजन के लिए मालदा टाउन स्टेशन को पूरी तरह से नया रूप दिया जा रहा हैप्रधानमंत्री के आगमन से पहले स्टेशन परिसर का सौंदर्यीकरण युद्ध स्तर पर चल रहा है। स्टेशन को मालदा की प्रसिद्ध लोक कला और सांस्कृतिक धरोहरों से सजाया गया है:गंभिरा मुखौटे: स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों ओर मालदा की प्रसिद्ध लोक कला ‘गंभिरा’ के दो विशाल मुखौटे लगाए गए हैं।
मूर्तियां और भित्ति चित्र: स्टेशन परिसर में श्री चैतन्य महाप्रभु की फाइबर की मूर्ति स्थापित की गई है। साथ ही बांकुड़ा की टेराकोटा कला के म्यूरल्स (भित्ति चित्र) भी लगाए गए हैं।हरियाली: स्टेशन के बाहरी हिस्से में नई घास और पौधे लगाकर उसे आकर्षक बनाया जा रहा है।मालदा रेल मंडल के डीआरएम (DRM) मनीष कुमार गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टेशन की तैयारियों का जायजा लिया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 16 जनवरी को मालदा पहुंचेंगे और बुनियादी ढांचे का अंतिम निरीक्षण करेंगे।स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस का रेक 16 जनवरी को ही प्लेटफार्म नंबर 1 पर पहुंच जाएगा।रेलवे प्रशासन ने सुचारू कार्य के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं: 15 से 17 जनवरी तक मालदा टाउन स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 से किसी भी ट्रेन की आवाजाही नहीं होगी।
पूर्वी रेलवे (मालदा) के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) रसराज माजी ने बताया कि उद्घाटन के पहले दिन यात्रियों के लिए कामाख्या तक की यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, इसके लिए कोई किराया नहीं लिया जाएगा।अधिकारी का बयान”प्रधानमंत्री 17 जनवरी को मालदा टाउन स्टेशन से पहली स्लीपर वंदे भारत और 6 अन्य जोड़ी ट्रेनों का उद्घाटन करेंगे। स्टेशन को सजाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। पहले दिन की यात्रा यादगार होगी।”— रसराज माजी, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वी रेलवे, मालदा।
